नीट परीक्षा पर रोक की मांग, डीएमके ने लोकसभा में उठाया मुद्दा

HIGHLIGHTS
- डीएमके सांसद टीआर बालू ने लोकसभा में नीट परीक्षा पर तुरंत रोक लगाने की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।
- पार्टी ने नीट यूजी पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच की मांग की।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन शांत हुआ और प्रदर्शनकारियों ने वापस लौटने की अपील की।
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके ने देश में आयोजित होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को तत्काल रोकने की मांग की है। डीएमके सांसद टीआर बालू ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर मौजूदा मानसून सत्र में नीट परीक्षा पर रोक लगाने की मांग उठाई।
यह मांग मई में हुए नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद सामने आई है। पेपर लीक मामले के बाद देशभर में छात्रों और लोगों में नाराजगी देखने को मिली थी। छात्रों ने एक महीने से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
जंतर-मंतर पर हुई हिंसा की जांच की मांग
डीएमके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर जानलेवा हथियारों के इस्तेमाल की जांच कराने की भी मांग की है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद थमा विरोध प्रदर्शन
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन की स्थिति में बदलाव आया। आंदोलन का नेतृत्व कर रही सोशल मीडिया से जुड़ी कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शनकारियों से वापस घर लौटने की अपील की।
संगठन ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों जगत प्रकाश नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद उनकी मुख्य मांग पूरी हो गई है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.