सहारनपुर में ओवैसी का बड़ा बयान, बोले- BJP को रोकने के लिए गठबंधन को तैयार
By Hitesh — July 19, 2026

HIGHLIGHTS
- असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर जनसभा में कहा कि उनकी पार्टी किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है और भाजपा को रोकने के लिए अन्य दलों से गठबंधन को तैयार हैं।
- ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी और कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मुद्दे पर सरकार को घेरा और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए।
- ओवैसी की जनसभा में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे, उत्साह के दौरान मंच पर भीड़ पहुंच गई और माइक टूटने के बाद पुलिस ने स्थिति संभाली।
Author: — Dainik Dehat
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कई राजनीतिक दल उनकी पार्टी पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हैं, जबकि उनकी पार्टी किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए वह अन्य दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं।
शनिवार को चिलकाना रोड पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आपकी नाक के नीचे चोरी हो गई। जो स्कैनर लगाया जाना था, वह आस्था के लिए नहीं बल्कि लूट के लिए लगाया गया था।
ओवैसी ने भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस को कई बार मौका दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उनके समाज में बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर जुल्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भी मस्जिद तोड़ने की बात होगी, वहां वह संविधान के दायरे में अपनी आवाज उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना सांप्रदायिकता है तो वह जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह फिरकापरस्त नहीं बल्कि इंसाफ पसंद हैं। ओवैसी ने कहा कि जिस समाज ने अपना झंडा और अपना नेता बनाया, उसे ही इंसाफ मिला है। जो समाज अपना नेतृत्व तैयार नहीं कर पाया, उसे न्याय नहीं मिल सका।
उन्होंने सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी का जिक्र करते हुए कहा कि यह काम अब जयपुर चला गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले पर सरकार को घेरा
जनसभा से पहले मीडिया से बातचीत में असदुद्दीन ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही है।
ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर काफी कम है। उन्होंने दावा किया कि 19-20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी में से केवल साढ़े तीन प्रतिशत लोग ही स्नातक की शिक्षा हासिल कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को नियमित किया जा सकता है, क्योंकि इससे करीब तीन हजार छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि मुस्लिम पढ़ें। उन्होंने सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी का भी जिक्र किया और उसकी मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए।
मस्जिद तोड़ने के आदेश पर उठाए सवाल
जनसभा में ओवैसी ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद वर्ष 1955 से उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार किस आधार पर मस्जिद तोड़ने का आदेश दे रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों से इसका इस्तेमाल मस्जिद के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी वक्फ बाय यूजर के सिद्धांत को मान्यता दी है। नए मामलों में यह लागू नहीं होता, लेकिन पुराने मामलों में यह व्यवस्था बनी रहती है। इसके बावजूद मस्जिद को नोटिस दिया जा रहा है।
जनसभा में उमड़ी भीड़, मंच पर पहुंचे समर्थक
असदुद्दीन ओवैसी की चिलकाना रोड पर हुई जनसभा में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। उन्हें सुनने के लिए कार्यकर्ता शाम चार बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे थे। कई समर्थक हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे।
शाम करीब साढ़े सात बजे ओवैसी के मंच पर पहुंचते ही समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उत्साह में कई कार्यकर्ता मंच तक पहुंच गए और कुछ लोग पेड़ों पर भी चढ़ गए। इसी दौरान मंच पर लगा माइक टूट गया।
आयोजकों ने बार-बार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और स्थिति संभाली। इसके बाद दूसरे माइक की व्यवस्था की गई, लेकिन भीड़ के कारण उसका तार भी टूट गया। किसी तरह व्यवस्था ठीक होने के बाद ओवैसी का संबोधन शुरू हो सका।
मोबाइल की टॉर्च जलाकर किया स्वागत
ओवैसी के मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर उनका स्वागत किया। ओवैसी ने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
चिलकाना रोड पर लगा जाम
जनसभा समाप्त होने के बाद चिलकाना रोड पर जाम की स्थिति बन गई। भीड़ के बाहर निकलने के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने देर रात तक मशक्कत कर जाम खुलवाया।
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