डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ को भेजा शोकॉज नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन के लगातार बिगड़ते संचालन को लेकर केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने और देरी से यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए DGCA ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है।
लगातार अव्यवस्था पर DGCA की कार्रवाई
नियामक संस्था DGCA ने कहा है कि इंडिगो में पिछले कुछ दिनों से जारी अव्यवस्था के कारण रोजाना सैकड़ों यात्री प्रभावित हो रहे हैं। नोटिस के अनुसार, एयरलाइन अपनी टीम और सिस्टम को उस स्तर पर तैयार नहीं कर पायी, जो अनुमोदित FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों के सुचारू पालन के लिए आवश्यक था। DGCA ने इसे योजना, पर्यवेक्षण और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक बताया है।
CEO पर ज़िम्मेदारी तय
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि उड़ान रद्द होने, लंबे समय तक देरी और बोर्डिंग से इनकार जैसी स्थितियों में इंडिगो यात्रियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में असफल रही। DGCA ने सीधे तौर पर CEO पीटर एल्बर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने एयरलाइन की विश्वसनीयता और यात्री अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित नहीं की।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अव्यवस्था का यह सिलसिला लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा और प्रमुख एयरपोर्टों पर यात्रियों की दिक्कतें बढ़ती चली गईं।
850 से अधिक फ्लाइट रद्द, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
शनिवार को ही 850 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं, जिससे देशभर में कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने, लंबी कतारों और बैगेज से जुड़ी शिकायतों की बाढ़ आ गई। स्थिति गंभीर होने पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि
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सभी लंबित रिफंड रविवार शाम तक जारी किए जाएं,
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और यात्रियों का खोया हुआ सामान 48 घंटे में उनके पास पहुंचाया जाए।
मंत्रालय ने एयरलाइन से यात्री सहायता और रिफंड के लिए विशेष सेल बनाकर रियल-टाइम अपडेट देने को भी कहा है। इसी बीच, इंडिगो अधिकारियों ने मंत्रालय के साथ बैठक कर सुधारात्मक कदमों की जानकारी दी। दूसरी ओर, एयर इंडिया ग्रुप ने फंसे यात्रियों की मदद के लिए किराए सीमित किए, बदलाव/कैंसिलेशन शुल्क पर छूट दी और अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था की है।
सरकार की प्राथमिकता: उड़ान संचालन सामान्य करना
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसी मुद्दे पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स के साथ दिल्ली में एक अहम बैठक की। सूत्रों के अनुसार, हालात बिगड़ने के कारण CEO के इस्तीफा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा है।
बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा और DGCA प्रमुख फैज़ अहमद किदवई भी उपस्थित थे। सरकार ने एयरलाइन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रद्द उड़ानों के सभी टिकटों का रिफंड तुरंत दिया जाए।
DGCA ने बनाई जांच समिति
यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनज़र DGCA ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह पैनल उड़ान रद्द होने और देरी की वास्तविक वजहों का पता लगाएगा और भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए सुझाव देगा।
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