सूरजपुर में घरेलू सहायिका पर हमला, मोबाइल पर टाइप कर पुलिस को दी आरोपी की जानकारी

HIGHLIGHTS
- सूरजपुर में 20 वर्षीय घरेलू सहायिका पर पार्क में जानलेवा हमला हुआ, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
- गंभीर चोट के बावजूद युवती ने मोबाइल पर जानकारी टाइप कर पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में मदद की।
- पुलिस ने हत्या के आरोप में रितेश राजवाड़े को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक सार्वजनिक पार्क में 20 वर्षीय घरेलू सहायिका पर जानलेवा हमला किया गया। गला रेते जाने के बाद वह खून से लथपथ हालत में मदद के लिए पार्क से बाहर दौड़ती हुई आई।
गर्दन में गंभीर चोट लगने के कारण वह बोल नहीं पा रही थी, लेकिन मौत से पहले उसने मोबाइल फोन पर टाइप कर पुलिस को अपने बारे में जरूरी जानकारी दी। इसी जानकारी की मदद से पुलिस को कुछ ही घंटों में मामले को सुलझाने में सफलता मिली।
टीओआई के अनुसार, सूरजपुर के एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने 23 वर्षीय रितेश राजवाड़े को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए दावा किया कि वह पिछले छह वर्षों से युवती के साथ रिलेशनशिप में था और उसके दूरी बनाने से परेशान था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों की मुलाकात आपसी सहमति से हुई थी या नहीं।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला रिश्ते से जुड़े विवाद का लग रहा है। आरोप है कि आरोपी को पीड़िता के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था।
नेहरू पार्क में बुलाकर किया हमला
पीड़िता की पहचान लटोरी गांव निवासी राधिका राजवाड़े के रूप में हुई है। वह सूरजपुर शहर के एक घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, रितेश ने रविवार शाम राधिका को नेहरू पार्क बुलाया था। सीसीटीवी फुटेज और जांच में सामने आया कि दोनों पार्क में करीब एक घंटे तक बातचीत करते रहे। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ।
आरोप है कि इसी दौरान रितेश ने चाकू निकालकर राधिका का गला रेत दिया। चाकू उसकी गर्दन के आर-पार हो गया। इसके बाद आरोपी उसे मृत समझकर मौके से भाग गया।
इशारों से मांगा मोबाइल, टाइप कर दी जानकारी
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद राधिका होश में थी और खुद को बचाने के लिए पार्क से बाहर निकलने की कोशिश की। अधिक खून बहने और बोलने में असमर्थ होने के बावजूद वह कई मीटर तक दौड़ी, जिसके बाद राहगीरों ने उसकी मदद की और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने बताया कि गर्दन में गंभीर चोट के कारण वह बोल नहीं पा रही थी। अस्पताल पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जब उससे जानकारी लेने की कोशिश की तो उसने इशारों से मोबाइल फोन मांगा।
पुलिस ने उसे फोन दिया, जिस पर उसने टाइप करके अपने बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई।
सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी और पार्क समेत आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घटना की जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पीड़िता के फोन रिकॉर्ड और चैट्स की जांच के बाद उसी रात रितेश को एक वन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस घटना में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और हत्या से जुड़ी पूरी घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद सूरजपुर शहर के लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। नेहरू पार्क शहर के बीच स्थित एक लोकप्रिय सार्वजनिक स्थान है और कोतवाली पुलिस स्टेशन से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। इस घटना ने शहर के बीचों-बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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