सर्दी-खांसी में असरदार आयुर्वेदिक उपाय, घर पर बनाएं सुरक्षित कफ सिरप

मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और खांसी की शिकायतें आम हो जाती हैं। कई लोग तुरंत राहत पाने के लिए बाजार से कफ सिरप खरीद लेते हैं, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल्स और प्रिज़र्वेटिव्स कई बार शरीर पर विपरीत असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे में आयुर्वेदिक नुस्खे अधिक सुरक्षित और असरदार साबित होते हैं।
जयपुर की क्लिनिकल आयुर्वेद विशेषज्ञ किरण गुप्ता का कहना है कि घर में मौजूद प्राकृतिक सामग्री से कफ सिरप तैयार किया जा सकता है, जो न सिर्फ खांसी-जुकाम में आराम देगा बल्कि किसी प्रकार का साइड इफेक्ट भी नहीं करेगा। उन्होंने ऐसे पांच आसान और उपयोगी नुस्खे बताए हैं:
नींबू से बना कफ सिरप
एक नींबू को काटकर उसमें काली मिर्च पाउडर, हल्दी, अदरक का रस या सौंठ पाउडर, सेंधा नमक और मिश्री भरें। इसे हल्का सा सेंकने के बाद रस निकालकर सुबह-शाम सेवन करें। यह हर उम्र के लिए सुरक्षित है और गले की खराश के साथ खांसी में भी राहत देता है।
पान और मुलेठी वाला सिरप
एक पान में मुलेठी डालकर पानी में उबालें। ठंडा होने पर रात को सोने से पहले इसका सेवन करें। यह गले की खराश कम करता है और खांसी को जल्दी शांत करता है।
नींबू-चायपत्ती सिरप
चायपत्ती और अदरक को पानी में उबालें, फिर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पिएं। खासतौर पर रात में यह उपाय खांसी को नियंत्रित कर नींद लाने में मदद करता है।
पीपल के पत्ते का सिरप
दो-तीन पीपल के पत्ते पानी में उबालें और ठंडा होने पर सुबह-शाम दें। पीपल के पत्तों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट तत्व खांसी-जुकाम में असरदार होते हैं।
अदरक-तुलसी का काढ़ा
अदरक, काली मिर्च, तुलसी और दालचीनी को उबालें। इसमें गुड़ और बेलपत्र डालकर छान लें। दिनभर थोड़ा-थोड़ा पीने से खांसी में राहत मिलती है।
किन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, इन देसी कफ सिरप का असर तभी होगा जब डाइट पर भी ध्यान रखा जाए। खांसी होने पर दही, चावल, आइसक्रीम, बासी भोजन और खट्टी चीजों से परहेज करना जरूरी है। इन नुस्खों का सेवन सूखी और गीली दोनों तरह की खांसी में किया जा सकता है।
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