प्रेग्नेंसी में रोज टहलने से मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे, जानें किन महिलाओं को रखनी चाहिए सावधानी

HIGHLIGHTS
- प्रेग्नेंसी में सामान्य स्थिति होने पर रोजाना टहलना शरीर को एक्टिव रखने और फिट रहने में मदद कर सकता है।
- नियमित वॉक करने से प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा कम करने, वजन नियंत्रित रखने और पीठ दर्द जैसी परेशानियों में राहत मिल सकती है।
- हाई ब्लड प्रेशर, ब्लीडिंग या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाली महिलाओं को वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का एक महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान शरीर में कई बदलाव आते हैं, इसलिए खानपान के साथ-साथ रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि गर्भावस्था के दौरान कितना आराम करना चाहिए और क्या इस समय टहलना सुरक्षित है। इसी वजह से वे शारीरिक गतिविधियों को लेकर अक्सर असमंजस में रहती हैं।
अगर प्रेग्नेंसी सामान्य है और डॉक्टर ने किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई है, तो रोज कुछ समय टहलना एक अच्छी आदत हो सकती है। वॉक शरीर को सक्रिय रखने का आसान तरीका है, जिसे अधिकतर महिलाएं अपनी क्षमता के अनुसार कर सकती हैं। डॉक्टर भी सामान्य प्रेग्नेंसी में हल्की शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) के अनुसार, सामान्य प्रेग्नेंसी में नियमित शारीरिक गतिविधि मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए लाभदायक हो सकती है।
आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में रोजाना टहलने के फायदे और किन महिलाओं को वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
प्रेग्नेंसी में टहलने के 5 बड़े फायदे
शरीर को एक्टिव रखने में मदद
ACOG के अनुसार, नियमित रूप से वॉक करने से शरीर सक्रिय रहता है। इससे मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम करती हैं और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। हल्की शारीरिक गतिविधि प्रेग्नेंसी के दौरान रोजाना के कामों को करने में भी मददगार हो सकती है।
प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है
रोजाना टहलने से शरीर को ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। ACOG के मुताबिक, नियमित शारीरिक गतिविधि करने से गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज के खतरे को कम करने में सहायता मिल सकती है।
जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ने से बचाव
प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जरूरत से अधिक वजन कई परेशानियों का कारण बन सकता है। नियमित वॉक करने से वजन को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है और शरीर फिट रह सकता है।
पीठ दर्द और शरीर की अकड़न में राहत
प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ते वजन के कारण कई महिलाओं को पीठ दर्द और शरीर में भारीपन महसूस होता है। रोज कुछ देर टहलने से शरीर में लचीलापन बना रह सकता है और इन परेशानियों से राहत मिल सकती है।
नॉर्मल डिलीवरी की तैयारी में मदद
रोजाना वॉक करने से शरीर एक्टिव रहता है और सहनशक्ति बेहतर हो सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के समय शरीर को बेहतर तरीके से तैयार रखने में मदद कर सकती है।
किन महिलाओं को वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए?
हर महिला की प्रेग्नेंसी की स्थिति अलग होती है। अगर किसी महिला को हाई ब्लड प्रेशर, गंभीर एनीमिया, दिल या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी, बार-बार ब्लीडिंग, समय से पहले डिलीवरी का खतरा, प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या या जुड़वां बच्चों के साथ ऐसी प्रेग्नेंसी है जिसमें समय से पहले डिलीवरी का खतरा हो, तो वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इसके अलावा अगर वॉक करते समय चक्कर आए, तेज दर्द महसूस हो, सांस लेने में परेशानी हो, ब्लीडिंग हो या प्राइवेट पार्ट से पानी निकलने लगे, तो तुरंत वॉक रोककर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में वॉक करते समय इन बातों का रखें ध्यान
वॉक करते समय हमेशा आरामदायक कपड़े और अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें। शुरुआत धीरे-धीरे करें और अपनी क्षमता के अनुसार समय बढ़ाएं। बहुत तेज चलने या शरीर को ज्यादा थकाने से बचें। वॉक से पहले और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
गर्म मौसम में तेज धूप के समय टहलने से बचें और सुबह या शाम का समय चुनें। अगर वॉक के दौरान चक्कर, तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी या कोई अन्य असामान्य परेशानी महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर से सलाह लें।
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