दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 लागू, होटलों और रेस्तरां में कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक

HIGHLIGHTS
- बुधवार दोपहर 3 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 दर्ज किया गया।
- बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाहनों के संचालन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
- 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के भूखंडों पर बिना पोर्टल पंजीकरण वाली निर्माण गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
दिल्ली-एनसीआर। क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार दोपहर 3 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 244 दर्ज किया गया।
आमतौर पर एक्यूआई 200 के पार पहुंचने पर ग्रैप-1 लागू किया जाता है। इसके तहत होटलों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पुराने वाहनों पर निगरानी, निर्माण कार्यों के लिए भी निर्देश
ग्रैप-1 के तहत बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाहनों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों में धूल को नियंत्रित करने के उपायों तथा निर्माण कचरे के पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन से जुड़े निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर ऐसी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, जिनकी संबंधित वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है।
डंपिंग स्थलों से नगर पालिका के ठोस कचरे (एमएसडब्ल्यू), निर्माण एवं विध्वंस कचरे और खतरनाक अपशिष्ट को नियमित रूप से हटाना होगा। खुले स्थानों पर अवैध रूप से कचरा डालने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही सड़कों की नियमित अंतराल पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव करना होगा।
निर्माण सामग्री और कचरे को परिसर के भीतर उचित तरीके से ढककर रखना होगा। वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) मानकों की सख्ती से निगरानी की जाएगी। वहीं, डीजल जनरेटर सेट का इस्तेमाल बिजली आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
प्रदूषण से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
वाहनों के इंजन की ट्यूनिंग सही रखें।
टायरों में हवा का उचित दबाव बनाए रखें।
वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) अपने पास रखें।
ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती होने पर इंजन बंद कर दें।
वाहन प्रदूषण कम करने के लिए हाइब्रिड वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्राथमिकता दें।
खुले स्थानों पर कूड़ा न फैलाएं और न ही उसका निस्तारण करें।
311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप और समीर ऐप के जरिए वायु प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की शिकायत करें।
अधिक से अधिक पौधे लगाएं।
त्योहार पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं और पटाखों से बचें।
10 से 15 साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल न करें।
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