दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू, निजी वाहनों के इस्तेमाल से लेकर पार्किंग तक पर सख्ती

HIGHLIGHTS
- दिल्ली का AQI 31 अक्टूबर को 117 से बढ़कर 2 नवंबर को 324 पहुंच गया।
- सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने की अपील की गई है।
- दिल्ली समेत पांच शहरों में सरकारी कार्यालयों के समय अलग-अलग रखने के निर्देश हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR में ग्रैप का दूसरा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
ग्रैप-2 के तहत निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने, पार्किंग शुल्क बढ़ाने, खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने समेत कई उपाय किए जाएंगे।
ग्रैप-2 के तहत लागू किए गए प्रमुख उपाय
निजी वाहनों का उपयोग घटाने की अपील: लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने और निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी: निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से पार्किंग शुल्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
खुले में कचरा जलाने पर रोक: ठोस कचरे और बायोमास को खुले स्थानों पर जलाने से बचने को कहा गया है।
निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण: अक्टूबर से जनवरी के बीच धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों से बचने की सलाह दी गई है।
सड़कों की धूल पर नियंत्रण: मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग के अलावा पानी का छिड़काव और डस्ट सप्रेसेंट का उपयोग किया जाएगा।
सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव: दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सरकारी कार्यालयों और नगर निकायों के कामकाज का समय अलग-अलग रखने का प्रावधान किया गया है।
आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?
सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें और निजी वाहनों का उपयोग कम रखें।
कम जाम वाले रास्तों से सफर करने को प्राथमिकता दें, भले ही दूरी कुछ अधिक हो।
वाहनों के एयर फिल्टर समय पर बदलवाएं।
घरों में रसोई की चिमनी के फिल्टर की नियमित सफाई करें।
घरों के बाहर और सार्वजनिक स्थानों पर धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों से बचें।
जिन लोगों के काम की प्रकृति इसकी अनुमति देती है, वे घर से काम कर सकते हैं।
संबंधित एजेंसियों को करने होंगे ये काम
सड़कों की रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग करानी होगी। इसे प्राथमिकता के आधार पर रात या सुबह जल्दी किया जाएगा।
अधिक यातायात वाले मार्गों, भारी ट्रैफिक कॉरिडोर और जाम वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही डस्ट सप्रेसेंट का इस्तेमाल भी होगा।
प्रदूषण के चिन्हित हॉटस्पॉट पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई तेज की जाएगी।
निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) स्थलों का निरीक्षण बढ़ाया जाएगा।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को सुरक्षा, सफाई, बागवानी और अन्य कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए बिजली और इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को खुले में बायोमास या कचरा जलाने से रोकना है।
इन शहरों में अलग-अलग होंगे सरकारी दफ्तरों के समय
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में राज्य सरकारों और नगर निकायों के कार्यालयों के समय में अंतर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
NCR के अन्य जिलों में भी स्थानीय प्रशासन इस संबंध में निर्णय ले सकता है। वहीं, केंद्र सरकार अपने कार्यालयों के समय में बदलाव करने पर फैसला ले सकती है।
AQI बढ़ने के बाद लागू किया गया ग्रैप-2
CAQM के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 31 अक्टूबर को 117 यानी मध्यम श्रेणी में था। इसके बाद 1 नवंबर को यह बढ़कर 261 यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया। 2 नवंबर को AQI 324 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। IMD और IITM के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका है।
ग्रैप के पहले चरण के तहत लागू उपाय भी जारी रहेंगे। CAQM ने कहा है कि वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी।
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