आजम खान को रिमांड पर लेने की पुलिस की कोशिश को झटका, कोर्ट ने प्रार्थना पत्र किया निरस्त

HIGHLIGHTS
- ईडी ने 13 अक्टूबर को अजीमनगर थाने में दर्ज कराई थी प्राथमिकी।
- मामला जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।
- आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
रामपुर। सपा नेता आजम खान के खिलाफ अजीमनगर थाने में ईडी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मामले में पुलिस को झटका लगा है। अदालत ने पुलिस की ओर से रिमांड के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र को सारहीन मानते हुए निरस्त कर दिया है।
जब पुलिस ने यह प्रार्थना पत्र अदालत में दाखिल किया था, उस समय आजम खान रामपुर जेल में बंद थे। हालांकि, इस पर सुनवाई होने से पहले ही उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में भेज दिया गया। ऐसे में अब पुलिस को रिमांड के लिए नए सिरे से प्रार्थना पत्र दाखिल करना होगा।
दरअसल, ईडी ने 13 अक्टूबर को अजीमनगर थाने में जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले में पुलिस रिमांड के लिए अदालत ने आजम खान को सोमवार को पेश होने के लिए तलब किया था।
पहले माना जा रहा था कि यदि आजम खान रामपुर जेल से रिहा नहीं होते हैं तो उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, जमानत मिलने पर उनके व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने की संभावना थी।
लेकिन अब दोनों ही स्थितियां नहीं रहीं। ईडी ने आजम खान को गाजियाबाद की जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस वजह से रिमांड के मामले में उनकी अदालत में पेशी नहीं हो सकी।
पुलिस को अब नए सिरे से दाखिल करना होगा प्रार्थना पत्र
फिलहाल पुलिस की ओर से नए सिरे से प्रार्थना पत्र दाखिल करने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि पहले दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र का अब कोई औचित्य नहीं रह गया था। इसी आधार पर अदालत ने उसे निष्फल कर दिया है।
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