हबीबपुर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, कच्चे और जर्जर मकानों का सर्वे कराने के दिए निर्देश

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के हबीबपुर गांव में कच्चे मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई।
- कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना पर दुख जताया।
- मंत्री ने जर्जर और कच्चे मकानों का सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में बीती रात हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बारिश के दौरान कच्चे मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चार मासूम बच्चे और उनके पिता शामिल हैं।
इस दुखद घटना के बाद सोमवार को गांव में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों का पहुंचना लगातार जारी रहा।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार हबीबपुर गांव पहुंचे। उनके साथ बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद त्यागी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने परिजनों और अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत और सहायता कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की।
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री अनिल कुमार ने घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की गई है। सरकार की ओर से नियमानुसार जो भी आर्थिक सहायता संभव होगी, वह पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस हादसे से सीख लेने की जरूरत है। कैबिनेट मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जिले में मौजूद सभी जर्जर और कच्चे मकानों का व्यापक सर्वे कराया जाए, जिससे ऐसे मकानों की पहचान समय रहते की जा सके और जरूरी कदम उठाए जा सकें।
मंत्री ने कहा कि यदि खतरे वाले मकानों को पहले ही चिन्हित कर लिया जाए तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है।
हादसे के बाद हबीबपुर गांव में अभी भी मातम का माहौल है। प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है, वहीं जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के संपर्क में रहकर हरसंभव मदद का भरोसा दे रहे हैं।
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