कवाल कांड में मारे गए सचिन-गौरव की 13वीं पुण्यतिथि, स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

HIGHLIGHTS
- परिजनों और ग्रामीणों ने सचिन-गौरव को श्रद्धासुमन अर्पित किए
- सभा में तत्कालीन सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे
- कपिल देव अग्रवाल ने 2013 की तत्कालीन सपा सरकार पर निशाना साधा
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड में मारे गए ममेरे-फुफेरे भाई सचिन और गौरव की 13वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को मलिकपुरा स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, परिजनों और ग्रामीणों ने स्मारक पर पहुंचकर दोनों को श्रद्धांजलि दी। सभा के दौरान वक्ताओं ने 2013 के कवाल कांड और इसके बाद हुए दंगों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
हवन के बाद सचिन-गौरव को दी श्रद्धांजलि
मलिकपुरा स्थित स्मारक पर देवपाल शास्त्री ने हवन कराया। हवन के बाद जनप्रतिनिधियों, परिजनों और ग्रामीणों ने सचिन और गौरव को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कवाल कांड के बाद तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी का मौके से ही तबादला कर दिया गया था, जिससे जिले की स्थिति और खराब हुई। उन्होंने कहा कि उस समय लिए गए प्रशासनिक निर्णयों का असर पूरे जिले में दिखाई दिया।
राज्यमंत्री कपिल देव ने सपा सरकार पर साधा निशाना
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने 2013 की तत्कालीन सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सचिन और गौरव के साथ हुई घटना को क्षेत्र और समाज कभी भुला नहीं सकता। उनके अनुसार, दोनों की स्मृति आज भी लोगों के मन में बनी हुई है।
संजीव बालियान बोले- पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है भाजपा
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भाजपा सचिन, गौरव और दंगे से प्रभावित सभी 12 परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि संकट के किसी भी समय पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने 2013 के दंगे को तत्कालीन सपा सरकार की विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार में कानून का राज कायम है।
दंगे में मारे गए 12 लोगों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर दी संवेदना
श्रद्धांजलि सभा में सचिन और गौरव के अलावा 2013 के दंगे में जान गंवाने वाले 12 अन्य लोगों के परिजनों को भी शॉल ओढ़ाकर संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। सभा में जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सुप्रिया पाल सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कवाल और मलिकपुरा में बढ़ाई गई सुरक्षा
सचिन और गौरव की पुण्यतिथि को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कवाल और मलिकपुरा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। दोनों गांवों में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीओ जानसठ ऋषिका सिंह ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
सभा में जानसठ ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र चौधरी, जिला कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष ठाकुर रामनाथ सिंह, यनेश तंवर, प्रविंद्र भड़ाना, गौरव स्वरूप, बृजेश रस्तोगी, अनिल राठी, संचित प्रधान और सत्यम गुर्जर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दंगे में जान गंवाने वालों को भी किया याद
सभा के दौरान सचिन और गौरव के साथ दंगे में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई। इनमें रहमतपुर के अजय कुमार, बरीड़ा के बुगपाल राणा, भोकरहेड़ी के सोहनवीर सिंह, काकड़ा के विकास, महेंद्र, राजबीर, राजेश वर्मा, रामबीर, जगपाल, जोगेंद्र, वीरेंद्र उर्फ बब्बू और सोरम के विपिन बालियान शामिल रहे।
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