'लव मैरिज के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन पहले आत्मनिर्भर बनें युवा': राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

HIGHLIGHTS
- एकेटीयू दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और सोच-समझकर जीवन के फैसले लेने की सलाह दी।
- राज्यपाल ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उपयोगिता आधारित विकास पर जोर दिया।
- उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों से गरीब छात्रों को बेहतर शिक्षा देने और युवाओं को तकनीक के साथ रचनात्मक बनने की अपील की।
लखनऊ: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को जीवन में आत्मनिर्भर बनने और जिम्मेदार फैसले लेने की सलाह दी। उन्होंने समारोह के दौरान युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि करियर और भविष्य को मजबूत बनाने के बाद ही विवाह जैसे फैसले लेने चाहिए।
राजधानी के सिद्धीखेड़ा बालिका गृह का उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि कई बार युवा बिना सोचे-समझे फैसले ले लेते हैं, जिसका असर बाद में बच्चों के जीवन पर पड़ता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन युवाओं को पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह डिजाइन बनाते समय वास्तविक जरूरतों का ध्यान नहीं रखा जाता।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर बिजली के स्विच गलत जगह लगाए जाते हैं, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की पहुंच से बाहर पानी के नल और शौचालय बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य केवल दिखने में अच्छे नहीं, बल्कि उपयोगी भी होने चाहिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि भवन निर्माण में गुणवत्ता के साथ छात्रों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने हॉस्टल में आधुनिक रसोई और आरओ प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सरकारी शिक्षण संस्थानों पर विशेष ध्यान देने की अपील
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकारी स्कूल और कॉलेजों में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में वहां के शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को बेहतर शिक्षा देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश में होने वाले निवेश और रोजगार के अवसरों से जुड़ी जानकारी छात्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष सामग्री तैयार की जानी चाहिए।
तकनीक के साथ रचनात्मकता भी जरूरी
राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि वे केवल तकनीक के उपयोगकर्ता न बनें, बल्कि नई तकनीक विकसित करने वाले बनें। उन्होंने युवाओं से तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी संस्कृति और रचनात्मक सोच को भी बनाए रखने की अपील की।
एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इंटर डिसिप्लिनरी और माइनर डिग्री कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में एआई आधारित शिक्षा, इंडस्ट्रियल रिसर्च और बेहतर प्लेसमेंट के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
छात्रों को समाज के लिए योगदान देने का संदेश
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रों को आगे बढ़ने का मंच दिया है, अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपनी सफलता का लाभ समाज को भी दें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने एआई तकनीक के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सही इस्तेमाल जरूरी है, क्योंकि इसके दुरुपयोग की चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने छात्रों को सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और देश के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।
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