जयपुर: सरकारी स्कूल के निरीक्षण पर हंगामा, CJP ने शिक्षा मंत्री को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

HIGHLIGHTS
- रामपुरा कंवरपुरा स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर विवाद हुआ।
- CJP टीम ने निरीक्षण के दौरान कथित हमले का आरोप लगाया।
- आशुतोष रांका के कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया।
जयपुर। जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच शुक्रवार सुबह विवाद हो गया। स्कूल की बदहाल स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची सीजेपी टीम पर ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर लाठियों और पत्थरों से हमला करने का आरोप है। इस घटना में सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के कपड़े फाड़ने, एक कार्यकर्ता का हाथ टूटने और वाहनों के शीशे टूटने की बात कही गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
भैंसों के तबेले में स्कूल चलाने का आरोप
विवाद की वजह रामपुरा कंवरपुरा का जर्जर प्राथमिक स्कूल बताया जा रहा है। आरोप है कि स्कूल की खराब स्थिति के कारण इसे काफी समय से एक पशु बाड़े में टीनशेड के नीचे संचालित किया जा रहा है। स्कूल के मुख्य भवन की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं और उन्हें लोहे के भारी एंगलों के सहारे रोका गया है।
भवन की स्थिति को देखते हुए स्कूल को बंद कर करीब 50 मीटर दूर स्थानांतरित किया गया था। यहां बच्चों के मवेशियों के चारे और असुरक्षित कच्ची दीवारों के बीच पढ़ने की बात सामने आई है। पिछले साल के निरीक्षण में भी स्कूल की ऐसी ही स्थिति मिलने का दावा किया गया था।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से की गई नाकेबंदी
निरीक्षण की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह करीब 8 बजे से बगरू में मोर्चाबंदी कर दी। मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर नाकेबंदी की गई और वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली गई।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के मुताबिक, उनकी टीम के मौके पर पहुंचने के बाद भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को लाठी-डंडों से पीटा गया, मोबाइल फोन छीनकर तोड़े गए और एक महिला कार्यकर्ता के साथ भी बदसलूकी की गई। पथराव के दौरान पीछे रह गए एक कार्यकर्ता को भीड़ द्वारा घेरकर पीटने का आरोप भी लगाया गया है।
शिक्षा मंत्री को 48 घंटे का अल्टीमेटम
घटना के बाद सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इसे राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास का ‘काला दिन’ बताया। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कथित हमले में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और स्कूलों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को वापस लेने की मांग की।
रांका ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो सीजेपी मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे राजस्थान में आंदोलन शुरू करेगी।
सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया
घटना के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सवाल उठाया कि भाजपा के गुंडे कार्यकर्ताओं पर हमला कैसे कर सकते हैं और राजस्थान पुलिस मूकदर्शक क्यों बनी रही।
भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली को छिपाने के लिए लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी घटना की आलोचना की। उन्होंने सरकारी स्कूलों में मीडिया और आम लोगों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
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