जम्मू-कश्मीर से उत्तराखंड तक भारी बारिश का कहर, गांदरबल में बादल फटा; पिथौरागढ़ में पुल टूटा

HIGHLIGHTS
- गांदरबल में भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटना।
- पहाड़ी राज्यों में कई जगह भूस्खलन से मार्ग प्रभावित।
- पिथौरागढ़ में वैली ब्रिज टूटने से सीमावर्ती इलाकों का संपर्क कटा।
दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार कहर बरपा रहा है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड तक ज्यादातर जगहों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भारी बारिश के बीच बादल फट गया। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बेली ब्रिज टूटने से सीमावर्ती क्षेत्रों का संपर्क भी कट गया। वहीं, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में क्या?
अगले कम से कम तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई इलाकों में 20 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना
उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 20 से 25 अगस्त तक भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 20-21 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-22 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।
विदर्भ और छत्तीसगढ़ को लेकर क्या अनुमान
मध्य भारत में बारिश का प्रभाव व्यापक रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20-23 अगस्त के दौरान बारिश हो सकती है। वहीं 20-21 अगस्त और 23-24 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-25 अगस्त तक बारिश का अनुमान है, जबकि 20-22 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। विदर्भ में 20-22 अगस्त तथा 24-25 अगस्त को बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 21-22 अगस्त को बारिश और 21 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
बाढ़ की मार झेल रहे ओडिशा में भी बारिश
पूर्वी भारत में झारखंड में 20-21 अगस्त को छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि 22-25 अगस्त के दौरान बारिश के आसार हैं। बिहार में 21-23 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है और 22 अगस्त को गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। ओडिशा में 21-25 अगस्त के बीच बारिश और कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
कर्नाटक, कोंकण-गोवा से पूर्वोत्तर तक कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 20-22 अगस्त तक बारिश तथा कुछ इलाकों में भारी वर्षा जारी रह सकती है। पश्चिम भारत में कोंकण-गोवा में 20-25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में 20-25 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है, जबकि कई अन्य राज्यों में छिटपुट बारिश की संभावना है।
अगले तीन-चार दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
इससे पहले मंगलवार देर रात जम्मू-कश्मीर में गांदरबल के गुंड के हकनार में बादल फटने की घटना हुई। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पहलगाम में भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव के कारण यन्नर-बटकूट-पहलगाम मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने 23 अगस्त तक प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश में कालका-शिमला रेलखंड पर गुम्मन और कोटी स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण रेल यातायात प्रभावित हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
चीन की सीमा से लगे क्षेत्रों से संपर्क कटा
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के बाद धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर गए। इसके चलते करीब 70 मीटर स्पान का वैली ब्रिज टूटकर गधेरे में समा गया।
पुल टूटने से चीन सीमा से लगे दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। तीनों घाटियों के 12 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। मानसरोवर यात्रा के नौवें दल के यात्रियों की वापसी भी मुश्किल हो गई है। वर्ष 2024 में भी वैली ब्रिज टूट गया था।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.