'कांवड़ यात्रा को रील्स का मंच मत बनाइए', नरेंद्र पंवार बोले- आस्था के नाम पर हुड़दंग बर्दाश्त नहीं

HIGHLIGHTS
- हिंदू संघर्ष समिति ने कांवड़ यात्रा के दौरान उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
- समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया लोकप्रियता के लिए विवाद पैदा कर रहे हैं।
- शिव चौक की घटना का जिक्र करते हुए पत्रकारों से मारपीट और पुलिस को धमकाने की निंदा की गई।
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आए विवादों और कथित हुड़दंग की घटनाओं को लेकर अब हिंदू संगठनों के भीतर से भी कड़े स्वर सुनाई देने लगे हैं। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने ऐसे लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग धार्मिक यात्रा को आस्था के बजाय सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का जरिया बना रहे हैं।
मंगलवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में नरेंद्र पंवार ने कहा कि वास्तविक शिवभक्त श्रद्धा और अनुशासन के साथ यात्रा पूरी करते हैं, जबकि कुछ लोग बार-बार एक ही स्थान पर पहुंचकर वीडियो और कंटेंट बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों का उद्देश्य भक्ति है या सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरना।
आस्था को प्रचार का माध्यम बनाने का आरोप
नरेंद्र पंवार ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा पर्व है, लेकिन कुछ लोग इसे व्यक्तिगत प्रचार और ऑनलाइन पहचान बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यात्रा के दौरान विवाद खड़े करने, सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले समूहों की गहन जांच कराई जाए।
शिव चौक की घटना का किया उल्लेख
हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक ने 10 जुलाई को शिव चौक पर हुई घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को धमकाना और ड्यूटी कर रहे पत्रकारों के साथ कथित मारपीट जैसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में ऐसे लोगों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए, जो धार्मिक आयोजनों की आड़ में अशांति फैलाने का प्रयास करते हैं। पंवार ने कहा कि अधिकांश कांवड़िये प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी यात्रा पूरी करते हैं।
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