मुंबई में फर्जी PMO ID का मामला, ChatGPT से तैयार किए थे दस्तावेज; दो आरोपी भेजे गए जेल

HIGHLIGHTS
- रोहन पारिख के घर से ChatGPT की मदद से तैयार किए गए पीएमओ से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज मिले।
- पुलिस के मुताबिक, पारिख वर्ष 2025 से फर्जी PMO ID और दस्तावेज तैयार करने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल कर रहा था।
- अदालत ने रोहन पारिख और दिलीप कुंडे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल में फर्जी पीएमओ पहचान पत्र के साथ पकड़े गए युवक ने इसे तैयार करने के लिए एआई टूल का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने शुक्रवार को एस्प्लेनेड कोर्ट में यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपित रोहन पारिख के घर की तलाशी के दौरान ChatGPT की मदद से तैयार किए गए पीएमओ से संबंधित कई फर्जी दस्तावेज मिले। अदालत ने पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए पारिख और उसके सहयोगी दिलीप कुंडे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डीएस खेडेकर के समक्ष पुलिस ने बताया कि पारिख ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह वर्ष 2025 से ChatGPT का इस्तेमाल फर्जी पीएमओ आईडी और उससे जुड़े आधिकारिक दस्तावेज तैयार करने के लिए कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि पारिख का मकसद अपने परिवार और सामाजिक दायरे में अपनी सामाजिक स्थिति बढ़ाना था। उसके मोबाइल फोन के डेटा की जांच में पीएमओ के पत्राचार से जुड़े दस्तावेजों का मसौदा तैयार करने के लिए की गई खोज का इतिहास भी मिला है। पुलिस ने अतिरिक्त हिरासत की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि पारिख ने इन फर्जी दस्तावेजों या पहचान पत्रों का इस्तेमाल किसी अन्य स्थान पर तो नहीं किया।
पूर्व सैन्यकर्मी कुंडे की भूमिका पर भी पुलिस ने जताई गंभीरता
पुलिस ने दूसरे आरोपित दिलीप कुंडे की भूमिका को भी गंभीर बताया है। कुंडे पूर्व सैन्यकर्मी है और उसके पास से एक रिवॉल्वर बरामद हुई थी। पुलिस का दावा है कि उसने अपने निजी इस्तेमाल के हथियार का इस्तेमाल व्यावसायिक तौर पर पारिख के पेशेवर अंगरक्षक के रूप में किया।
दोनों आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे ने पुलिस हिरासत की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपित दस्तावेज खुद तैयार करने की बात स्वीकार कर चुके हैं और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। पुलिस पहले ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त कर चुकी है, ऐसे में आगे हिरासत में पूछताछ का कोई औचित्य नहीं है।
सुरक्षा कर्मचारियों से विवाद के बाद हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की मुंबई यात्रा से पहले जियो मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ विवाद के दौरान पारिख ने कथित तौर पर खुद को पीएमओ अधिकारी बताया था। उसके साथ मौजूद कुंडे के पास हथियार मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
यह घटना ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के आयोजन से एक दिन पहले हुई थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का प्रधानमंत्री के अगले दिन होने वाले कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था।
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