महाराष्ट्र सरकार ने मानी आदिवासी छात्रों की मांगें, तीन महीने बाद फिर होगी बैठक

HIGHLIGHTS
- सरकारी सेवाओं में एसटी उम्मीदवारों की भर्ती से जुड़ी मांगें स्वीकार
- आवासीय स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग पर बनी सहमति
- पुणे, नागपुर और नासिक में चल रहा था आदिवासी छात्रों का अनशन
मुंबई। महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने बताया कि सरकार ने तीन शहरों में अनशन कर रहे आदिवासी छात्रों की सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें सरकारी सेवाओं में अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की भर्ती और आदिवासी बच्चों के लिए संचालित आवासीय स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़ी थीं। गढ़चिरौली जिले के एक आवासीय विद्यालय में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत के बाद पुणे, नागपुर और नासिक में विरोध-प्रदर्शन शुरू किए गए थे। अब इन प्रदर्शनों के समाप्त होने की उम्मीद है।
आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों ने उनके प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए राज्य के कांग्रेस नेताओं, एनएसयूआई और अन्य लोगों का आभार जताया।
मीडिया से बातचीत में अशोक उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा के बाद उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया है कि तीन महीने बाद दोबारा बैठक की जाएगी। इस बैठक में सरकार की ओर से लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा होगी।
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