तेज बारिश के बीच गुरपा पर्वत पर गिरी बिजली, एक की मौत; दो दर्जन लोग घायल

HIGHLIGHTS
- बारिश से बचने के लिए गुफा और पेड़ के पास रुके थे लोग
- मृतक की पहचान 26 वर्षीय विकास कुमार उर्फ निवास के रूप में हुई
- घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल
गया। पर्यटन स्थल गुरपा पर्वत की चोटी पर शनिवार दोपहर करीब दो बजे तेज बारिश के दौरान वज्रपात हो गया। इसकी चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए।
बारिश से बचने के लिए महिला, पुरुष और बच्चे पेड़ तथा पहाड़ की खोह (छोटी गुफा) के पास छिपे हुए थे। इसी दौरान गुफा के समीप जोरदार वज्रपात हुआ।
मृतक की पहचान 26 वर्षीय विकास कुमार उर्फ निवास के रूप में हुई है। वह बेलागंज थाना क्षेत्र के छत्तीसा गांव का रहने वाला था। घटना में करीब दो दर्जन अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
अचानक हुए वज्रपात के बाद पहाड़ की चोटी पर अफरातफरी मच गई। घायल लोग दर्द से कराहते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगे। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। संयोग अच्छा रहा कि भगदड़ की स्थिति नहीं बनी।
घटना के बाद पहाड़ पर ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मियों ने तुरंत लोगों को संभाला और बीडीओ तथा स्थानीय थाने को इसकी सूचना दी। इसके साथ ही राहत कार्य भी शुरू कर दिया गया।
सूचना मिलने पर बीडीओ शशि भूषण साहू और गुरपा थानाध्यक्ष शिवनंदन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल के पास पहुंचे।
बीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर को घटना की जानकारी देते हुए तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार, डीपीएम नीलेश कुमार और जनऔषधि संचालक समर ने टनकुप्पा और वजीरगंज से एंबुलेंस मंगवाकर गुरपा भेजी। इसके बाद घायलों के लिए चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने का काम शुरू किया गया।
कंधे पर उठाकर घायलों को पहाड़ से उतारा
वज्रपात के बाद पहाड़ पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद के लिए आगे आकर मानवता की मिसाल पेश की। कई घायलों को दो-चार लोग मिलकर कंधे पर उठाकर पहाड़ की चोटी से नीचे लेकर आए।
नीचे पहुंचने के बाद घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर भेजा जाने लगा। अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों को एंबुलेंस से उतारकर उपचार शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में अस्पताल परिसर घायलों और उनके स्वजनों से भर गया। किसी के पैर में चोट थी तो किसी के हाथ-पैर में गंभीर चोट आई थी। घायलों में करीब 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 55 वर्ष तक के लोग शामिल थे।
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