मुजफ्फरनगर साइबर ठगी केस में बड़ी कार्रवाई, बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर साइबर ठगी मामले में पुलिस ने गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया।
- आरोपी कमीशन के लिए रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था।
- पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 23 लाख रुपये फ्रीज कराए, अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
मुजफ्फरनगर में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को बैंक खातों की व्यवस्था कराता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में किया जाता था।
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान शहनवाज उर्फ गुड्डू निवासी गंगोह, सहारनपुर के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगों के संपर्क में था और पैसों के लालच में उनके लिए काम कर रहा था।
रिश्तेदारों के खातों का करता था इस्तेमाल
पुलिस पूछताछ में शहनवाज ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह अपने परिचितों और रिश्तेदारों के बैंक खातों की जानकारी साइबर गिरोह तक पहुंचाता था। इन खातों में ठगी से हासिल रकम जमा कराई जाती थी और बाद में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी ने कितने बैंक खातों की जानकारी गिरोह को उपलब्ध कराई और इसके बदले उसे कितना कमीशन मिला।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर हुई थी ठगी
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में ठगों ने एक व्यक्ति को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाया था। पीड़ित को फेसबुक पर 'गीतिका कपूर उर्फ जीजी' नाम की महिला की ओर से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। इसके बाद उसे व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया, जहां ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश से ज्यादा मुनाफे का झांसा दिया गया।
आरोपियों ने फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और नकली निवेशकों के जरिए पीड़ित का भरोसा जीता। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में उससे कुल 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा लिए गए।
जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम वापस निकालने की कोशिश की तो ठगों ने 'डेटा रिपेयरिंग', 'फाइनल वेरिफिकेशन' और 'एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया' जैसे बहाने बनाकर और पैसे की मांग की। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अब तक छह आरोपी भेजे जा चुके जेल
पुलिस के अनुसार, इस साइबर ठगी गिरोह के छह सदस्यों को अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों को बी-वारंट के जरिए अदालत में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 23 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। अब इस राशि को पीड़ित के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले, रकम ट्रांसफर करने वाले और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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