मुजफ्फरनगर साइबर फ्रॉड केस में बड़ी राहत, कारोबारी को 1.04 करोड़ रुपये वापस मिले

HIGHLIGHTS
- कारोबारी ने 20 जुलाई 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
- आरोप है कि ठगों ने कारोबारी के नाम और फोटो का इस्तेमाल किया।
- WhatsApp के जरिए अकाउंटेंट से संपर्क कर कारोबारी बनकर बात की गई।
मुजफ्फरनगर। शहर के एक कारोबारी से हुए करीब 2 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में पीड़ित को बड़ी राहत मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड कराई गई रकम में से 1 करोड़ 4 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए हैं।
मामले में बाकी धनराशि की रिकवरी और साइबर अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। रकम वापस मिलने के बाद बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पीड़ित ने एसएसपी से मुलाकात कर पुलिस का आभार जताया।
कारोबारी के नाम-पते का किया इस्तेमाल
पटेल नगर निवासी कुशाग्र अग्रवाल ने 20 जुलाई 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके नाम और फोटो का कथित रूप से दुरुपयोग किया। इसके बाद WhatsApp के जरिए उनके अकाउंटेंट से संपर्क कर कारोबारी के रूप में पहचान बताई गई।
आरोप है कि इसी तरीके से साइबर अपराधियों ने उनके SBI बैंक खाते से करीब 2 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
2 दर्जन से अधिक खातों में रकम कराई होल्ड
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ट्रांसफर की गई रकम को ट्रैक करने के लिए संबंधित बैंकों से समन्वय शुरू किया। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग बैंक खातों में गई 1 करोड़ 23 लाख रुपये की रकम को होल्ड कराया गया था। कार्रवाई के बाद इसमें से 1 करोड़ 4 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए हैं।
बाकी रकम की रिकवरी के लिए पुलिस और संबंधित बैंक स्तर पर भी कार्रवाई जारी है।
रकम वापस मिलने पर जताया आभार
बड़ी रकम वापस मिलने के बाद कुशाग्र अग्रवाल ने राहत जताई। उन्होंने साइबर क्राइम थाना पुलिस और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शिकायत के बाद पुलिस ने बैंकों के साथ समन्वय कर समय रहते कार्रवाई की, जिसके चलते उनकी बड़ी रकम वापस मिल सकी।
पीड़ित ने उत्तर प्रदेश सरकार और साइबर अपराधों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि समय पर पुलिस कार्रवाई से उन्हें बड़ी आर्थिक क्षति से राहत मिली है।
पुलिस के अनुसार, मामले में शेष धनराशि की रिकवरी के साथ साइबर फ्रॉड में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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