राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, तीन नए सदस्य भी नियुक्त

HIGHLIGHTS
- ट्रस्ट की बैठक महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई।
- बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी और आमंत्रित सदस्य शामिल हुए।
- एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 1986 में भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन लिया था।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को लेकर फैसला हो गया है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त किया गया है। बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे।
बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों की भी घोषणा की गई। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं।
ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके मिश्रा अब राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को नई दिशा देंगे।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया। वह कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाली है। देश के साथ अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मिश्रा के पास बड़े संगठन के संचालन और नेतृत्व का व्यापक अनुभव है।
सैन्य अनुशासन से मंदिर प्रबंधन तक
राम मंदिर के सीईओ के तौर पर उनकी नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मंदिर अब निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यवस्थित संचालन और वैश्विक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, कर्मचारी प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियां सीईओ के सामने होंगी।
ऐसे में सैन्य सेवा से आए मिश्रा के अनुशासन, नेतृत्व, बड़े संस्थान के प्रबंधन और समन्वय के अनुभव को ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवरिया के छोटे से गांव भोपतपुरा से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे मिश्रा का अब अयोध्या के राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में नया अध्याय शुरू हुआ है।
राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य और स्थाई सदस्य
के. परासरन: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
महंत नृत्य गोपाल दास: अध्यक्ष, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज: कोषाध्यक्ष।
कृष्ण मोहन: अंतरिम महासचिव।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज: सदस्य (प्रयागराज)।
जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज: सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)।
युगपुरुष परमानन्द जी महाराज: सदस्य (हरिद्वार)।
महंत दिनेंद्र दास: सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
निर्मला यादव: नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
मदन मोहन पांडे: नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
महेश भागचंदका: नए ट्रस्टी (दिल्ली)।
पदेन और सरकारी सदस्य
नृपेंद्र मिश्रा: अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
प्रशांत लोखंडे: केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
संजय प्रसाद: उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
शशांक त्रिपाठी: जिलाधिकारी अयोध्या।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.