मुजफ्फरनगर: कंपनी बाग का रास्ता बंद, लोगों ने की खोले जाने की मांग

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित कंपनी बाग (कमला नेहरू वाटिका) तक पहुंचने वाला पुराना रास्ता एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है।
- जाट कॉलोनी और सुमन विहार क्षेत्र के निवासियों ने इस मार्ग को दोबारा खोले जाने की मांग को लेकर वाटिका परिसर में बैठक की और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की।
- स्थानीय लोगों का कहना है कि जाट कॉलोनी-सर्कुलर रोड से कंपनी बाग की ओर जाने वाला पारंपरिक रास्ता, जिसे पहले रजवाहा रोड के नाम से जाना जाता था, कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया है।
- आरोप है कि लगभग 60…
मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित कंपनी बाग (कमला नेहरू वाटिका) तक पहुंचने वाला पुराना रास्ता एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है। जाट कॉलोनी और सुमन विहार क्षेत्र के निवासियों ने इस मार्ग को दोबारा खोले जाने की मांग को लेकर वाटिका परिसर में बैठक की और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाट कॉलोनी-सर्कुलर रोड से कंपनी बाग की ओर जाने वाला पारंपरिक रास्ता, जिसे पहले रजवाहा रोड के नाम से जाना जाता था, कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया है। आरोप है कि लगभग 60 गज सरकारी जमीन पर कब्जा कर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है।

निवासियों के अनुसार, यह मार्ग वर्षों से सुबह-शाम टहलने और आवागमन के लिए उपयोग में लिया जाता रहा है। रास्ता बंद होने के बाद अब लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कंपनी बाग तक पहुंचने के लिए उन्हें अब लंबा और जोखिम भरा रास्ता अपनाना पड़ता है, जिसमें ऊंची चढ़ाई और निजी संपत्ति से होकर गुजरना शामिल है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, इस विवाद में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। कुछ समय पहले संबंधित पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन देकर रास्ता बंद रखने की मांग की थी। उनका कहना है कि यदि यह मार्ग खोला जाता है तो क्षेत्र में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे सुरक्षा और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच मामला प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है, जबकि स्थानीय लोगों में रास्ता खोलने को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.