मुजफ्फरनगर के मरियम हॉस्पिटल में मरीज की हालत बिगड़ी, जांच में नहीं मिला कोई सर्जन

HIGHLIGHTS
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का पंजीकरण वैध पाया
- निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई सर्जन मौजूद नहीं मिला
- ड्यूटी पर भी किसी डॉक्टर के नहीं होने की बात सामने आई
मुजफ्फरनगर। सरवट रोड स्थित मदीना चौक के मरियम हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने और उसे दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की जांच शुरू कर दी। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने अस्पताल में नियमों के विपरीत चिकित्सा गतिविधियां संचालित किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।
संगठन के पदाधिकारी पहुंचे अस्पताल, CMO को दी जानकारी
मामले की जानकारी मिलने पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष देशराज चौहान कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम के साथ स्थानीय पुलिस और एलआईयू की टीम भी अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की।
टेक्नीशियन से ऑपरेशन कराने का आरोप
देशराज चौहान ने आरोप लगाया कि मरीज की पित्त की थैली का ऑपरेशन किसी पंजीकृत सर्जन के बजाय एक टेक्नीशियन ने किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे दूसरे अस्पताल भेजना पड़ा। संगठन के पदाधिकारियों ने अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मामले से संबंधित फुटेज उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
जांच के दौरान अस्पताल में नहीं मिला सर्जन और डॉक्टर
जांच के लिए पहुंचे डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण वैध पाया गया है। हालांकि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई सर्जन मौजूद नहीं मिला। ड्यूटी पर भी कोई डॉक्टर नहीं था।
जांच टीम ने अस्पताल प्रशासन से ऑपरेशन करने वाले सर्जन और वहां कार्यरत अन्य डॉक्टरों की डिग्री, योग्यता तथा मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज मांगे। जांच के समय अस्पताल प्रशासन ये दस्तावेज तत्काल उपलब्ध नहीं करा सका।
तीन दिन में दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश
डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, जांच के दौरान अस्पताल में अन्य कमियां भी मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संचालक को तीन दिन के भीतर अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टरों की डिग्री, योग्यता और मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि तय समय में संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के विपरीत संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आरोप लगाया कि जिले में कई अस्पताल और चिकित्सा संस्थान नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे हैं। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे अस्पतालों और क्लीनिकों की व्यापक जांच कराने की मांग की है। साथ ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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