2013 के दंगों से जुड़े होर्डिंग-पोस्टरों पर AIMIM ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग

HIGHLIGHTS
- हाजी दीन मोहम्मद ने मौजूदा भाईचारे का हवाला देते हुए चिंता जताई
- उन्होंने 2013 के दंगों को मुजफ्फरनगर के इतिहास का दुखद अध्याय बताया
- प्रशासन से होर्डिंग-पोस्टरों के पीछे के लोगों और उद्देश्य का पता लगाने की मांग
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर समेत प्रदेश के कई जिलों में वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों की याद दिलाने वाले होर्डिंग और पोस्टर लगाए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार अपराह्न करीब 3 बजे मीडिया से बातचीत में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश सचिव हाजी दीन मोहम्मद ने इन होर्डिंग और पोस्टरों पर सवाल उठाते हुए इन्हें सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदायक बताया।
हाजी दीन मोहम्मद ने जिला प्रशासन से इन होर्डिंग और पोस्टरों को लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मुजफ्फरनगर में हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच भाईचारा और आपसी सौहार्द बना हुआ है। ऐसे में वर्ष 2013 के दंगों की याद दिलाने वाले संदेशों का इस्तेमाल समाज में नफरत पैदा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में हुआ सांप्रदायिक दंगा मुजफ्फरनगर के इतिहास का बेहद दुखद और काला अध्याय रहा है। उस समय की घटनाओं को भुलाना आसान नहीं है, लेकिन पुराने जख्मों को बार-बार कुरेदकर वर्तमान माहौल को खराब करने की कोशिश भी नहीं होनी चाहिए।
पोस्टर सामाजिक माहौल को कर सकते हैं प्रभावित
AIMIM नेता ने कहा कि आज के मुजफ्फरनगर और वर्ष 2013 के माहौल में काफी अंतर है। उनके अनुसार, वर्तमान में दोनों समुदायों के लोग आपसी मोहब्बत और भाईचारे के साथ रह रहे हैं। ऐसे में दंगे की बरसी पर लगाए गए इस तरह के होर्डिंग और पोस्टर सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से किसी समाज या व्यक्ति को कोई फायदा नहीं होगा। इसके बजाय वर्षों से कायम आपसी विश्वास और भाईचारे को नुकसान पहुंचने की आशंका है। प्रशासन को मामले की गंभीरता को देखते हुए यह पता लगाना चाहिए कि इन होर्डिंग-पोस्टरों के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है।
हाजी दीन मोहम्मद ने वर्ष 2013 की घटनाओं के लिए तत्कालीन सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उस समय सत्ता में मौजूद सरकार की भी जवाबदेही थी। उनके मुताबिक, वर्तमान प्रशासन की प्राथमिकता हर स्थिति में जिले में अमन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना होनी चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.































Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.