मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर लापरवाही, 14 पुलिसकर्मी निलंबित; 4 थाना प्रभारियों के बदले कार्यक्षेत्र

HIGHLIGHTS
- 7 सितंबर की रात एसएसपी ने 14 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
- CCTV में पोस्टर लगाने वालों के मुजफ्फरनगर पहुंचने की जानकारी सामने आई
- चार थानों के प्रभारी निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में किया गया बदलाव
मुजफ्फरनगर में 2013 दंगों की बरसी के दौरान विवादित होर्डिंग लगाए जाने और हाउस अरेस्ट किए गए नेता के विवादित स्थल तक पहुंचने के मामले में 14 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने 7 सितंबर की रात करीब 10 बजे 5 सब-इंस्पेक्टर समेत 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इन पुलिसकर्मियों पर गश्त, पिकेट और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप है। इसके अलावा 4 थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।
रविवार रात 2013 दंगों की बरसी के अवसर पर रोडवेज के पास विवादित होर्डिंग लगाए गए थे। यह स्थान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि इसी क्षेत्र में एसएसपी का आवास है। होर्डिंग पर 2013 के दंगों की याद दिलाने वाला संदेश लिखा गया था। होर्डिंग सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे।
वहीं, सपा नेताओं को सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर पुलिस निगरानी लगाई गई थी। इसके बावजूद दोनों नेता पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए।
सोमवार को दंगों की 13वीं बरसी के चलते मुजफ्फरनगर और आसपास के शहरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों पर 'न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे' लिखा हुआ था। रोडवेज बस स्टैंड समेत शहर के कई प्रमुख चौराहों पर पोस्टर नजर आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल पोस्टर हटवाए और उन्हें लगाने वालों की तलाश शुरू कर दी।
जांच के दौरान CCTV फुटेज खंगालने पर सामने आया कि रविवार रात कुछ युवक बस से मुजफ्फरनगर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने रोडवेज बस स्टैंड और शहर के अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए और वहां से चले गए। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने में जुटी है।
इसी बीच सपा सांसद हरेंद्र मलिक को सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर पुलिस निगरानी लगाई गई थी। इसके बावजूद वह पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए और वहां मस्जिद स्थल पर पहुंचे। सांसद के निगरानी से निकल जाने के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इसी घटनाक्रम के बाद एसएसपी ने गश्त, पिकेट और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही को आधार बनाते हुए 14 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।
5 दरोगा समेत 14 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, विभागीय जांच भी होगी
निलंबित पुलिसकर्मियों में शहर कोतवाली के नितिन कुमार और यशपाल सिंह, सिविल लाइन के मुकुल कुशवाह और पंकज कुमार तथा LIU के राजकुमार शामिल हैं। इनके अलावा कोतवाली नगर और सिविल लाइन थाने में तैनात 9 आरक्षियों पर भी कार्रवाई की गई है। हालांकि, एसएसपी के निलंबन आदेश में कार्रवाई का कारण किसी एक घटना को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है।
इन घटनाओं के बाद पुलिस की निगरानी और कानून-व्यवस्था ड्यूटी को लेकर उठे सवालों के बीच एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। इनमें 5 सब-इंस्पेक्टर और 9 आरक्षी शामिल हैं।
निलंबित सब-इंस्पेक्टरों में शहर कोतवाली के नितिन कुमार और यशपाल सिंह, सिविल लाइन के मुकुल कुशवाह और पंकज कुमार तथा LIU के राजकुमार शामिल हैं। आरक्षियों में नदीम, निशान्त और दीपक गौतम समेत कोतवाली नगर और सिविल लाइन थाने में तैनात पुलिसकर्मी शामिल हैं।
एसएसपी के आदेश में निलंबन की घटना-वार वजह विस्तार से नहीं बताई गई है। हालांकि, यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब गश्त, पिकेट और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं। इसी कारण कार्रवाई को दोनों नेताओं के निगरानी से निकलने और विवादित होर्डिंग की घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
4 थाना प्रभारी बदले, ककरौली से फुगाना तक फेरबदल
निलंबन की कार्रवाई के साथ ही एसएसपी ने चार थानों के प्रभारी निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है। दीपक चौधरी को ककरौली थाने का थानाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, ककरौली के थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह को सिखेड़ा भेजा गया है।
सिखेड़ा के SHO विजय सिंह को खालापार थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि खालापार के SHO बबलू कुमार को फुगाना थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।
पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को हालिया कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।
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