मुजफ्फरनगर: अंकित हत्याकांड में पति-पत्नी को उम्रकैद, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना

HIGHLIGHTS
- फैसला विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में सुनाया गया।
- पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार की अदालत ने फैसला दिया।
- मामला खतौली क्षेत्र के जसौला गांव का है।
मुजफ्फरनगर। अंकित हत्याकांड में विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने बुधवार को पति-पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार की अदालत ने मीनाक्षी और उसके पति सोनू को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस तरह दोनों पर कुल एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मामला खतौली क्षेत्र के जसौला गांव का है।
मीनाक्षी के घर पहुंचा था अंकित
घटना 7 जनवरी 2024 की है। अभियोजन के मुताबिक, जसौला निवासी रणवीर सिंह का 21 वर्षीय बेटा अंकित शाम को घर से निकला था। इसके बाद वह गांव की रहने वाली मीनाक्षी के घर पहुंचा।
अंकित के मीनाक्षी के घर होने की जानकारी मिलने पर उसके पिता रणवीर सिंह और बड़ा भाई लवकुश उसे तलाशते हुए वहां पहुंचे। काफी आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
घर के भीतर घायल मिला था युवक
पुलिस की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया गया तो अंकित अंदर बेसुध हालत में मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने उसे उपचार के लिए भेजा, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही।
जांच में अंकित और मीनाक्षी के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। अभियोजन के अनुसार, मीनाक्षी अपने पति सोनू के साथ रहना चाहती थी और इसी वजह से अंकित को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप
अभियोजन के मुताबिक, अंकित को मीनाक्षी के घर बुलाने के बाद बंधक बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मीनाक्षी और सोनू ने डंडों से अंकित की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने मीनाक्षी और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने पैरवी की। अभियोजन ने अदालत में कुल सात गवाह पेश किए, जिनमें मृतक के पिता रणवीर सिंह और भाई लवकुश भी शामिल थे।
गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को सुनने के बाद अदालत ने मीनाक्षी और सोनू को हत्या का दोषी माना। बुधवार को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
7 जनवरी 2024 को हुई हत्या के करीब दो साल आठ माह 23 दिन बाद अदालत का फैसला आया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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