'माफियाओं से डरने लगूं तो इस्तीफा देना बेहतर', मुजफ्फरनगर में फांसी की सजा सुनाते हुए बोले जज दिवाकर

HIGHLIGHTS
- शाहपुर शहजादी हत्याकांड में पति नदीम को फांसी की सजा
- जज रवि कुमार दिवाकर ने फैसले में धमकियों का भी किया जिक्र
- मुजफ्फरनगर में 5 महीने में 23 दोषियों को मृत्युदंड
मुजफ्फरनगर: “मैं मरना पसंद करूंगा, लेकिन डरपोक जज कहलाना नहीं। जब तक मैं अपने सिद्धांतों के मुताबिक काम कर सकता हूं, तब तक सेवा करूंगा, वरना इस्तीफा दे दूंगा। जब तक मैं जज की कुर्सी पर हूं, तब तक फैसला लेने का अधिकार भी सिर्फ मेरा ही होगा।”
“मेरे माता-पिता ने मुझे बचपन से सिखाया है कि भगवान से डरो, किसी और से नहीं। अगर मैं किसी और से डरने लगूंगा तो जनता का भरोसा अदालत से उठ जाएगा। अगर मैं माफियाओं से डरने लगूं तो इस पवित्र न्यायिक संस्था से इस्तीफा देना ही बेहतर होगा।”
मुजफ्फरनगर में सोमवार को शाहपुर शहजादी हत्याकांड में पति नदीम को फांसी की सजा सुनाते हुए जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में यह टिप्पणी की। अदालत ने नदीम पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
रवि कुमार दिवाकर वही जज हैं, जिन्होंने 17 साल की अपनी न्यायिक सेवा के दौरान 36 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। अकेले मुजफ्फरनगर में उन्होंने 5 महीने के भीतर 23 दोषियों को मृत्युदंड दिया है। पिछले महीने जिला जज ने उनकी अदालत से करीब 100 मुकदमों को रिकॉल कर दूसरी अदालतों में ट्रांसफर कर दिया था।
फैसले में जज रवि कुमार दिवाकर की बड़ी टिप्पणियां
1. मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर और माफियाओं का आतंक था
जज ने फैसले में लिखा कि मुजफ्फरनगर में भरी अदालत के अंदर विक्की त्यागी की हत्या कर दी गई थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं था। एक दौर में यहां शौकीन गैंग का आतंक भी रहा था। हाल ही में इसी अदालत ने शौकीन के भाई शाहनवाज को फांसी की सजा सुनाई है।
2. ज्ञानवापी मामले के बाद परिवार को भी मिली धमकियां
जज ने फैसले में कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी मामले के बाद उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को कई बार जान से मारने की धमकियां मिलीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी धमकियां दी गईं। एक आरोपी अदनान खान ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर धमकी दी थी कि काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है, जो तुम्हारे दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं। जज ने लिखा कि उनकी फोटो लगाकर आंखों के ऊपर लाल रंग से काफिर लिखा गया था।
3. इस समय बोलना ठीक नहीं, पद की भी मर्यादा होती है
जज ने लिखा कि इस समय वह कुछ व्यवहार से काफी दुखी हैं। कोई व्यक्ति पूरी दुनिया को बेवकूफ बना सकता है, लेकिन अपनी अंतरात्मा को नहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार के पीछे माफियाओं, गैंगस्टरों और अपराधियों को बचाना है। ऐसा क्यों हुआ, यह भी वह जानते हैं। लेकिन फिलहाल इस बारे में बोलना उचित नहीं होगा, क्योंकि पद की भी अपनी मर्यादा होती है।
4. गैंगस्टर ने भेजा था मैसेज- मुकदमे हटवाए, नहीं माने तो ट्रांसफर करवा देंगे
जज ने यह भी लिखा कि पश्चिम के एक गैंगस्टर ने उन्हें मैसेज भेजा था। इसमें कहा गया था कि अभी तो केवल मुकदमों को हटवाया गया है। अगर उनके पीछे पड़े तो कोर्ट भी बदलवा देंगे और जिले से बाहर ट्रांसफर करवा देंगे, क्योंकि उनकी पहुंच ऊपर तक है।
जज ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक देश के लिए यह गंभीर संकट की स्थिति होती है, जब न्यायाधीश दबाव या प्रभाव के कारण न्याय करने में असमर्थ हो जाते हैं।
अब शाहपुर शहजादी हत्याकांड को विस्तार से समझिए
- 23 जुलाई 2018 की रात करीब 8:30 बजे नदीम ने अपनी पत्नी शहजादी के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। इसके बाद उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इलाज के दौरान 28 जुलाई 2018 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शहजादी की मौत हो गई।
- शहजादी के माता-पिता और भाई अदालत में अपने बयानों से मुकर गए थे। हालांकि, 24 जुलाई 2018 को सफदरजंग अस्पताल में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने शहजादी का दिया गया आखिरी बयान निर्णायक साबित हुआ। इस बयान में शहजादी ने कहा था कि उसके पति नदीम ने ही उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई थी।
- अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने सोमवार (7 सितंबर) को नदीम को फांसी की सजा सुनाई। शहजादी ने अपने बयान में दहेज की मांग या प्रताड़ना का कोई जिक्र नहीं किया था। इसी वजह से नदीम को दहेज हत्या के आरोपों से बरी कर दिया गया। मामले में आरोपी ननद सोनी को भी सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। वहीं, सास शमशीदा की मौत हो चुकी है।
- “बेटी दोषी है तो उसे सजा मिले, लेकिन मेरे पति निर्दोष हैं। जो वकील है, उसी ने प्रियंका से सब कुछ कराया। हम बस यही चाहते हैं कि हमारे पति को छुड़वा दीजिए।” ये शब्द प्रियंका चौधरी की मां सुभावती चौधरी के हैं। उनकी बेटी पर ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप हैं। बस्ती में तैनात थानेदार सूर्य प्रकाश सिंह ने इसी मामले से परेशान होकर 29 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी।
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