SIR में नया अपडेट, बीएलओ को अब 2003 की सूची के आधार पर करनी होगी प्रोजनी मैपिंग

कन्नौज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान की अवधि एक सप्ताह बढ़ाए जाने के साथ ही बीएलओ की जिम्मेदारियाँ और बढ़ा दी गई हैं। अब बीएलओ को अनुपस्थित, विस्थापित, मृतक और डुप्लीकेट (ASD) मतदाताओं की फिजिकल सूची तैयार करनी होगी। साथ ही वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर प्रोजनी मैपिंग (वंशावली विश्लेषण) भी कराई जाएगी, ताकि पुराने रिकॉर्ड का मिलान सरलता से हो सके।
एसडीएम ने दी विस्तृत गाइडलाइन
सोमवार को तहसील सभागार में एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने एईआरओ (सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) और सुपरवाइजरों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं, उनकी पुन: जांच कर सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रोजनी मैपिंग से मृतक या दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट हुए मतदाताओं की पहचान तेजी से हो सकेगी और बीएलओ के पास किसी भी पूछताछ पर स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध रहेगी।
डिजिटाइजेशन कार्य तेज गति से जारी
विधानसभा क्षेत्र के कुल 4,80,359 मतदाताओं के फॉर्मों को डिजिटल रिकॉर्ड में बदलने का काम ब्लॉक सभागार में बनाए गए ईएफ (एन्ह्यूमरेशन फॉर्म) सबमिशन सेंटर और नगर पालिका स्थित वोटर हेल्प डेस्क पर लगातार चल रहा है।
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