LPU हिंसा मामले में हाई कोर्ट पहुंची जनहित याचिका, CBI जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- विश्वविद्यालय परिसर में 27 सितंबर को हिंसक घटना हुई थी।
- एक छात्र की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है।
- याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।
फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। विश्वविद्यालय परिसर में 27 सितंबर को हुई हिंसक घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
यह याचिका एक छात्र की ओर से दायर की गई है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ के सामने मामले का उल्लेख किया गया। इसके बाद अदालत ने याचिका को बुधवार को सुनवाई के लिए रखने की बात कही।
सोशल मीडिया पर अपुष्ट दावे के बाद शुरू हुआ था विरोध
मामला फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर को विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। बताया गया कि प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित एक अपुष्ट दावे के बाद हुई थी।
इस दावे में विश्वविद्यालय की एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और उसके आत्महत्या करने की बात कही गई थी। हालांकि, रिपोर्ट में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर तोड़फोड़ हुई और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई।
हाई कोर्ट में 30 सितंबर को सुनवाई
याचिका में विश्वविद्यालय परिसर में हुई हिंसा की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख होने के बाद इसे अगले दिन सुनवाई के लिए रखने की बात कही गई।
अब 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई में याचिका पर आगे की कार्यवाही होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए हैं। अदालत में अभी याचिका पर सुनवाई होनी है।
ऐसे में जांच किस एजेंसी को सौंपी जाएगी और इस मामले में अदालत की ओर से क्या निर्देश दिए जाते हैं, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
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