पंजाब में AAP को झटके पर झटका, कुंवर विजय प्रताप ने भी दिया इस्तीफा

HIGHLIGHTS
- कुंवर विजय प्रताप ने इस्तीफा सीधे विधानसभा स्पीकर को भेजा।
- उन्होंने इस्तीफे के पीछे कोई राजनीतिक या व्यक्तिगत वजह नहीं बताई।
- पूर्व IPS अधिकारी ने विधायक के रूप में 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे करने का दावा किया।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के अंदर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। पार्टी की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद दो विधायकों चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी छोड़ दी। इसके अगले ही दिन अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। लगातार दो दिनों में तीन विधायकों के इस फैसले से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपना इस्तीफा सीधे पंजाब विधानसभा के स्पीकर को भेजा है। उन्होंने इस प्रक्रिया में पार्टी नेतृत्व या किसी पदाधिकारी को शामिल नहीं किया। उनका इस्तीफा एक नवंबर 2026 को अमृतसर से जारी किया गया। पत्र में उन्होंने साफ किया है कि वह एक नवंबर से विधानसभा की सदस्यता छोड़ रहे हैं। इस्तीफे की प्रति ई-मेल, वाट्सएप और भारतीय डाक के जरिए स्पीकर तक भेजी गई है।
इस्तीफे के पीछे की वजह नहीं बताई
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे में किसी राजनीतिक या निजी कारण का उल्लेख नहीं किया है। हालांकि, सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अमृतसर के लोगों के नाम एक संदेश जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही, जनता से मिले प्यार और सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि वह इसके लिए हमेशा ऋणी रहेंगे।
नशे और गैंगस्टरवाद को बताया बड़ी चुनौती
अपने संदेश में कुंवर विजय प्रताप ने पंजाब में नशे, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार को गंभीर चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि राज्य को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
उन्होंने दावा किया कि विधायक के तौर पर तय किए गए उनके 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे हो चुके हैं। उनके मुताबिक, राजनीति में माई-बाप संस्कृति को खत्म करना और जनता को अपना प्रेरणास्रोत मानकर काम करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा है।
विधानसभा में उन्होंने अमृतसर के पानी और सीवरेज की समस्या के साथ कंपनी बाग, सर्किट हाउस, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, सरकारी मेडिकल कॉलेज और बरगाड़ी बेअदबी जैसे मुद्दे उठाए थे।
पूर्व IPS अधिकारी हैं कुंवर विजय प्रताप
कुंवर विजय प्रताप पूर्व IPS अधिकारी हैं। वह 1998 बैच के पंजाब कैडर से जुड़े रहे हैं। जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया था। ऐसे में उनका ताजा फैसला पार्टी की सदस्यता छोड़ने के बजाय सीधे विधायक पद से इस्तीफा देने का है। अब विधानसभा स्पीकर इस इस्तीफे पर क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
जौड़ामाजरा और पठानमाजरा आज BJP में हो सकते हैं शामिल
इससे पहले रविवार को समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। दोनों के सोमवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होने की संभावना है। पठानमाजरा ने इसकी पुष्टि की है।
दोनों विधायकों ने आप नेतृत्व पर पंजाब के हितों की अनदेखी करने और दिल्ली से राज्य की राजनीति संचालित करने के आरोप लगाए हैं।
इन इस्तीफों का समय भी अहम माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने 31 अक्टूबर को 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। हालांकि, समाना और सनौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए गए थे, लेकिन दोनों सीटों पर नए इंचार्ज नियुक्त किए जाने के बाद मौजूदा विधायकों के टिकट को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं।
समाना में सुरजीत सिंह रखड़ा और सनौर में रंजोध हडाना को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ऐसे में उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद पार्टी के भीतर उभरी नाराजगी अब आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आप के लिए बड़ी चुनौती बनती दिख रही है।
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