एशियन पैरा गेम्स की एंट्री को लेकर प्रेमा विश्वास ने उठाए सवाल, PM मोदी से मांगी मदद

HIGHLIGHTS
- प्रेमा विश्वास ने अपनी एंट्री देर से भेजे जाने पर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाया।
- पैरा शटलर ने अपनी रैंकिंग का हवाला देते हुए PM मोदी से मामले में हस्तक्षेप की अपील की।
- प्रेमा ने कहा कि इजिप्ट पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में उन्होंने दो कांस्य पदक जीते थे।
भारत की इंटरनेशनल पैरा-बैडमिंटन शटलर प्रेमा विश्वास ने भावुक अपील जारी की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जापान में होने वाले आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए उनकी आधिकारिक एंट्री जानबूझकर देर से भेजी गई और उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई।
प्रेमा विश्वास ने सोशल मीडिया के जरिए इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। डब्ल्यूएच1 कैटेगरी की एथलीट ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि एशियन सिंगल्स रैंकिंग में आठवें स्थान और महिला डबल्स में टॉप 6 में होने के बावजूद उनसे कम रैंक वाली खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया।
प्रेमा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'मेरी एकल एशियन रैंकिंग 8 है और मैं महिला डबल्स में टॉप छह में हूं। फिर भी आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए मेरी एंट्री शुरू में नहीं भेजी गई। जब इसे आखिरकार भेजा गया, तो इसमें इतनी देर हो गई कि अब इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसमें मेरी क्या गलती है?'
चयन प्रक्रिया में अंतर का जिक्र करते हुए प्रेमा ने सवाल किया कि जब सिंगल्स कैटेगरी में 11वीं रैंक तक के शटलर्स की एंट्री भेजी गई, तो उनकी वर्षों की मेहनत पर असर क्यों पड़ रहा है। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की रहने वाली पैरा-शटलर ने लिखा, 'इसमें मेरी क्या गलती है? जब एकल में 11वीं रैंक तक के खिलाड़ी के लिए एंट्री दाखिल की गईं, तो मेरी एंट्री क्यों छोड़ दी गईं, जबकि मेरी एकल रैंक 8 और महिला डबल्स टॉप 6 थी? मुझे अपनी वर्षों की मेहनत और रैंकिंग का नुकसान क्यों उठाना चाहिए?'
अपनी निजी और आर्थिक परेशानियों के बारे में शटलर ने कहा, 'मैं एक वंचित बैकग्राउंड से आती हूं। मैंने अपने पिता को खो दिया है। अभी मेरे पास कोई नियमित नौकरी या किसी भी तरह का सहयोग नहीं है। मैं लोगों से मदद मांगकर, बहुत मुश्किल हालात में ट्रेनिंग करके और अपने देश को रिप्रेजेंट करके इस लेवल तक पहुंची हूं। यह मेरे लिए कोई आम टूर्नामेंट नहीं है। यह मेरे करियर का पहला और शायद आखिरी एशियन पैरा गेम्स है। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं वर्षों तक ऐसे खेलती रहूं और इस रैंकिंग को फिर से बना सकूं।'
प्रधानमंत्री मोदी से मामले में हस्तक्षेप की अपील करते हुए प्रेमा ने कहा, 'मैं कोई फेवर नहीं मांग रही हूं। मैं बस इंसाफ मांग रही हूं। मैं बस अपने देश के लिए खेलने का एक मौका मांग रही हूं।'
प्रेमा ने इजिप्ट पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में दो कांस्य पदक जीते थे। यह टूर्नामेंट पैरा-एशियन गेम्स सिलेक्शन रैंकिंग का हिस्सा था।
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