यूपी में आरटीई: अनाथ बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में प्रवेश का मौका

यूपी में निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। इस बार शासन ने इसे और अधिक समावेशी बनाते हुए अनाथ बच्चों को भी आरटीई के तहत प्रवेश का अधिकार दिया है। ऐसे बच्चे अपने अभिभावक या संबंधित संस्था के प्रतिनिधि का आधार कार्ड दिखाकर प्रवेश ले सकेंगे।
कौन होगा पात्र?
शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चों का दुर्बल या वंचित वर्ग से होना अनिवार्य है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, एचआईवी या कैंसर से पीड़ित माता-पिता अथवा अभिभावक के बच्चे और अनाथ बच्चों को भी प्रवेश का लाभ मिलेगा। यदि अनाथ बच्चे बाल गृह या आश्रम में रह रहे हों, तो उन्हें भी पात्र माना जाएगा।
प्रमाणपत्र और दस्तावेज़ जरूरी
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों के प्रवेश के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। वहीं, संबंधित बाल गृह या आश्रम के प्रमुख का आधार कार्ड प्रवेश प्रक्रिया में मान्य होगा। इस व्यवस्था से जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा और वे शैक्षिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
सभी बच्चों के अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना होंगे। समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश संबंधी सभी आवश्यक निर्देश शासन द्वारा जारी कर दिए गए हैं। एनआईसी द्वारा तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही प्रवेश कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि आरटीई के अंतर्गत पंजीकृत निजी विद्यालयों की संख्या बढ़कर 68,000 हो गई है, जिससे बच्चों के लिए प्रवेश विकल्प और भी अधिक बढ़ गए हैं।
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