शेयर बाजार में मजबूती के संकेत, सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी

भारतीय शेयर बाजारों ने सप्ताह के अंत में मजबूत शुरुआत करते हुए पिछले सत्र की गिरावट से उबरने की कोशिश की। वैश्विक और घरेलू संकेतों के बीच निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बढ़त दर्ज की गई, हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के चलते उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 352 अंक से अधिक की छलांग लगाकर 76,220 के स्तर के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 96 अंक की मजबूती के साथ 24,000 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाद में बाजार में कुछ दबाव देखने को मिला। सुबह करीब 9:27 बजे सेंसेक्स 78 अंक की हल्की बढ़त के साथ 75,946 के आसपास और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 23,917 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
गुरुवार को बकरीद के कारण शेयर बाजार बंद रहे थे, जिसके बाद शुक्रवार को निवेशकों की सक्रियता फिर से बढ़ी। बाजार में शुरुआती मजबूती ने यह संकेत दिया कि हालिया अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम है।
सेक्टोरल प्रदर्शन में IT और फार्मा सबसे आगे
बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी सेक्टर ने किया, जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर्स में भी क्रमशः लगभग 0.88% और 0.68% की मजबूती देखने को मिली। PSU बैंक इंडेक्स भी हरे निशान में रहा।
इसके अलावा ऑयल एंड गैस, ऑटो, मेटल, रियल्टी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी हल्की खरीदारी देखने को मिली। हालांकि FMCG और मीडिया सेक्टर्स दबाव में रहे और इनमें गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों से मिला सपोर्ट
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार को राहत दी है। ब्रेंट क्रूड करीब 0.93% गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड भी फिसलकर 87 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट महंगाई के दबाव को कम कर सकती है, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 4,499 डॉलर के आसपास पहुंच गया।
ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेत
अमेरिकी बाजारों में लगातार तेजी का असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया। वॉल स्ट्रीट में टेक शेयरों के दम पर S&P 500 और नैस्डैक इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली। वहीं एशियाई बाजारों में निक्केई और कोस्पी भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और सकारात्मक कॉर्पोरेट आउटलुक ने निवेशकों की धारणा को और मजबूत किया।
विशेषज्ञों की राय और बाजार का रुख
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू लिक्विडिटी और निवेशकों की खरीदारी की प्रवृत्ति अभी भी मजबूत बनी हुई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हालिया गिरावटें बड़े ट्रेंड को प्रभावित नहीं कर रही हैं और बाजार में ‘बाय ऑन डिप्स’ की रणनीति जारी रह सकती है।
यदि निफ्टी 24,000 के स्तर को मजबूती से पार करता है, तो यह 24,150 से 24,200 के स्तर की ओर आगे बढ़ सकता है। वहीं किसी भी गिरावट की स्थिति में 23,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.