प्रधानमंत्री ने राज्य मंत्रियों को लगाई फटकार, कहा- आंकड़े रटने के बजाय बताएं अपना काम

HIGHLIGHTS
- बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें 20 राज्य मंत्री शामिल रहे।
- ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण योजनाओं पर प्रजेंटेशन दिया गया।
- मंत्रियों से उनके मंत्रालय की उपलब्धियों के बजाय व्यक्तिगत प्रयासों का ब्यौरा मांगा गया।
सोमवार को अपने 12 साल के कार्यकाल में दूसरी बार राज्य मंत्रियों से बैठक करने वाले प्रधानमंत्री इस दौरान बेहद सख्त शिक्षक के अंदाज में नजर आए। करीब तीन घंटे चली समीक्षा बैठक में मौजूद 20 राज्य मंत्रियों, जिनमें 3 स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री भी शामिल थे, से प्रधानमंत्री ने अलग-अलग सवाल किए।
प्रधानमंत्री ने राज्य मंत्रियों को सिर्फ आंकड़े याद रखने की आदत छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने सभी मंत्रियों से बारी-बारी विकसित भारत को लेकर उनके अपने एजेंडे के बारे में जानकारी मांगी। बैठक में ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर प्रजेंटेशन दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मंत्री से विकसित भारत के निर्माण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर किए गए प्रयासों के बारे में पूछा।
जब मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालय से जुड़े आंकड़े बताने शुरू किए तो प्रधानमंत्री ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि सचिवों की ओर से बताए गए आंकड़ों को रटने की आदत छोड़नी होगी। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से पूछा कि मंत्री के तौर पर मिले बड़े अवसर के बाद उन्होंने विकसित भारत के निर्माण, देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने और राजग को लाभ पहुंचाने के लिए व्यक्तिगत रूप से क्या किया है।
कितने आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया, कितने खिलौने बांटे
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने हर मंत्री से व्यक्तिगत प्रयासों से जुड़े सवाल किए। एक मंत्री को मंत्रालय की उपलब्धियां बताने से रोकते हुए उन्होंने पूछा कि इसे छोड़िए, मंत्री बनने के बाद आप कितने आंगनवाड़ी केंद्रों में गई हैं और कितने खिलौने बांटे हैं?
एक अन्य मंत्री से प्रधानमंत्री ने पूछा कि उन्होंने रेहड़ी-पटरी वालों के उत्थान से जुड़ी पीएम स्वनिधि योजना के कितने लाभार्थियों से बातचीत की है और व्यक्तिगत तौर पर कितने लोगों को इसका फायदा दिलाया है। इसी तरह बैठक में मौजूद सभी राज्य मंत्रियों से प्रधानमंत्री ने उनके व्यक्तिगत प्रयासों की जानकारी ली।
सोशल मीडिया पर भी किए सवाल
प्रधानमंत्री ने राज्य मंत्रियों से सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उनकी मौजूदगी को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि इन माध्यमों पर मंत्रियों ने कौन से मुद्दे उठाए और योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए क्या प्रयास किए।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों के साथ सरकार के बेहतर प्रयासों को सकारात्मक तरीके से व्यक्तिगत स्तर पर और अलग-अलग माध्यमों के जरिए समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए पूरी मेहनत करने की सलाह दी।
विस्तार से पहले की कवायद
प्रधानमंत्री जल्द ही राज्य मंत्रियों के दूसरे समूह के साथ भी इसी तरह की समीक्षा बैठक करेंगे। इन बैठकों को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों के जरिए प्रधानमंत्री मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन कर रहे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री सचिवों के साथ बैठक करके केंद्रीय मंत्रियों के प्रदर्शन की भी समीक्षा कर चुके हैं।
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