सहारनपुर जाने से रोके गए सपा और भीम आर्मी के नेता, कई को किया गया हाउस अरेस्ट

HIGHLIGHTS
- सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव नवाब इम्तियाज को घर पर नजरबंद किया गया।
- भीम आर्मी के संगठन मंत्री नसीम को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
- पुलिस ने सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहे नेताओं को मुजफ्फरनगर से आगे जाने से रोका।
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर से जुड़े एक धार्मिक स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुजफ्फरनगर पुलिस ने सपा और भीम आर्मी से जुड़े नेताओं व पदाधिकारियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की है। शनिवार रात से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, सहारनपुर में प्रस्तावित गतिविधियों को देखते हुए किसी भी तरह के विरोध या तनाव की स्थिति को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
सपा नेता नवाब इम्तियाज हाउस अरेस्ट
कार्रवाई के तहत सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव नवाब इम्तियाज को उनके घर पर नजरबंद किया गया। बताया गया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। वहीं, भीम आर्मी के संगठन मंत्री नसीम को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
सहारनपुर जाने की तैयारी के बीच पुलिस की निगरानी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने को लेकर विवाद और विरोध की आशंका के बीच मुजफ्फरनगर पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों में नेताओं और पदाधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
बताया जा रहा है कि सपा और भीम आर्मी से जुड़े कई नेता सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें मुजफ्फरनगर से आगे जाने से रोक दिया।
कई इलाकों में पुलिस टीमों ने पहुंचकर रोका
सूत्रों के अनुसार, जिलेभर में दर्जनों सपा नेताओं और भीम आर्मी पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट या हिरासत में लिया गया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें संबंधित नेताओं के घर पहुंचीं और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। कुछ जगहों पर पुलिस की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली।
शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
फिलहाल मुजफ्फरनगर के अलग-अलग इलाकों में पुलिस की निगरानी जारी है। प्रशासन का कहना है कि सहारनपुर से जुड़े विवाद के बीच किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने से रोकना और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
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