‘हाईकोर्ट जाने का अवसर मिलना चाहिए था’, सहारनपुर मस्जिद मामले पर बोले मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली

HIGHLIGHTS
- मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने रविवार अपराह्न करीब 3 बजे मीडिया से बातचीत की।
- उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया को जरूरी बताया।
- कार्रवाई से पहले पुराने रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों की जांच की बात कही।
मुजफ्फरनगर। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने सहारनपुर में मस्जिद से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटनाक्रम को अफसोसनाक बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय संबंधित पक्ष को हाईकोर्ट जाने का मौका दिया जाना चाहिए था।
रविवार अपराह्न करीब 3 बजे मीडिया से बातचीत के दौरान मौलाना ने कहा कि धार्मिक स्थलों और इबादतगाहों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाना जरूरी है।
कार्रवाई से पहले पुराने रिकॉर्ड और कानूनी पहलुओं की हो जांच
मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने कहा कि जमींदारी के दौर से लेकर अदालतों और अलग-अलग सरकारी दस्तावेजों तक इबादतगाहों से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध रहते हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले सभी दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान देश के नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। ऐसे मामलों में संवैधानिक अधिकारों के साथ न्यायिक प्रक्रिया का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उच्च न्यायालय समेत न्यायिक संस्थाओं के फैसलों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।
बोले- ऐसा कदम न उठाएं, जिससे मामला और उलझे
मौलाना ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में जल्दबाजी में ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे आगे चलकर स्थिति और अधिक जटिल हो जाए। उनका कहना है कि संबंधित पक्ष को अपनी बात उच्च न्यायालय के सामने रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए था।
अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील
मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने शहरवासियों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट जानकारी के आधार पर प्रतिक्रिया देने के बजाय लोगों को सीधे प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी लेनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से कहा कि अगर किसी को कोई सूचना या शिकायत मिलती है तो वह सीधे जिलाधिकारी, एसएसपी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करे।
शहर में अमन और भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी
मौलाना ने कहा कि किसी भी स्थिति में सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित नहीं होना चाहिए। सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि शहर में शांति, भाईचारा और अमन-चैन कायम रहे।
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