पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज, राजा वड़िंग ने फिर पद छोड़ने की पेशकश की

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में पंजाब कांग्रेस संगठन को लेकर हाईकमान स्तर पर मंथन जारी है।
- अगले एक-दो दिनों में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला संभव बताया जा रहा है।
- राजा वड़िंग ने टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अपनी स्थिति स्पष्ट की।
पंजाब। पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर संगठन में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे अधिक चर्चा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को लेकर हो रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान पंजाब संगठन को लेकर मंथन कर रहा है और अगले एक-दो दिनों में प्रदेश अध्यक्ष के संबंध में फैसला लिया जा सकता है।
इसी बीच राजा वड़िंग ने एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने की पेशकश की है। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें प्रधान पद का कोई लालच नहीं है। उन्होंने कहा कि हाईकमान ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है और अगर हाईकमान यह जिम्मेदारी किसी अन्य व्यक्ति को देना चाहता है, तो वह पद छोड़ने के लिए भी तैयार हैं।
हालांकि, इस मामले में कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। साथ ही चर्चा है कि पार्टी की मौजूदा चुनाव समितियों और संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया जा सकता है।
सचिन पायलट ने हाईकमान को सौंपी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने करीब तीन सप्ताह तक पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े नेताओं के साथ अलग-अलग स्तर पर बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सौंप दी है।
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वड़िंग को लेकर पार्टी के भीतर मौजूद असंतोष और सभी नेताओं को एक मंच पर लाने में सामने आ रही चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है।
कई नामों पर चर्चा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए विजय इंदर सिंगला, राणा केपी, सुखजिंदर सिंह सरकारिया, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान को ही लेना है।
बताया जाता है कि बुधवार को भी पंजाब मामलों को लेकर प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश की अहम बैठक हुई। इस बैठक में पंजाब को लेकर विस्तार से चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले फेरबदल की चर्चा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। वहीं, दो गुटों में बंटी प्रदेश कांग्रेस को एकजुट करना पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
चर्चा यह भी है कि राहुल गांधी के संभावित पंजाब दौरे से पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन में फेरबदल किया जा सकता है।
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