पानी में बेंच बिछवाकर शिक्षिका ने बनवाया रास्ता, अररिया के सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल

HIGHLIGHTS
- अररिया के प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
- वीडियो में बच्चों को जलजमाव के बीच बेंच रखते और शिक्षिका को उन पर चलते देखा जा सकता है।
- जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले में संबंधित शिक्षिका से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
अररिया जिले के जोगबनी स्थित प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षकों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय परिसर में जलजमाव के बीच छोटे बच्चे बेंच उठाकर पानी में रखते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, एक शिक्षिका उन्हीं बेंचों पर चलते हुए स्कूल भवन के अंदर जाती नजर आ रही हैं।
तस्वीरों और वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है और मामले की जांच की मांग उठ रही है।
तस्वीरों में क्या नजर आ रहा है?
वायरल तस्वीरों में दिखाई देने वाली शिक्षिका की पहचान प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी, वार्ड संख्या-10 में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका अफसाना परवीन के रूप में बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि स्कूल परिसर में पानी भर जाने के कारण उन्होंने बच्चों से बेंच रखवाकर अपने लिए रास्ता बनवाया।
हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित माहौल देने का स्थान होता है।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चों से शिक्षकों की सुविधा के लिए किसी प्रकार का काम कराया जाता है, तो यह नैतिक रूप से गलत है और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।
प्रधान शिक्षिका ने क्या कहा?
विद्यालय की प्रधान शिक्षिका नीलिमा पाठक ने बताया कि संबंधित शिक्षिका को एलर्जी की समस्या है, जिसके कारण वह पानी में नहीं चल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग को जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
शिक्षा विभाग ने मांगा जवाब
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने संबंधित शिक्षिका से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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