'चिप से शिप तक भारत निर्माण की गाथा लिख रहा': वडोदरा में जेन-जी से बोले पीएम मोदी

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में लिया हिस्सा
- 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन
- प्रतापनगर से टांडा रोड के बीच नई मेमू सेवा को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात के वडोदरा पहुंचे, जहां उन्होंने ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद वहां मौजूद युवाओं ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
‘वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया’
‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए लोगों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है और इसके लिए उन्होंने देश की जनता को बधाई दी।
पीएम मोदी ने कहा कि विकास पर्व के मौके पर पूरे वडोदरा शहर में सेवा भाव के साथ स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया गया। उन्होंने वडोदरा के हर नागरिक को इसके लिए बधाई दी और उनकी सराहना की।
वडोदरा और धार के बीच नई मेमू ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम के दौरान प्रतापनगर (वडोदरा) और टांडा रोड (धार) के बीच नई मेमू (MEMU) यात्री ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा उन्होंने अन्य ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।
‘2004 में की गई थी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की परिकल्पना’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए ऐसी कनेक्टिविटी की जरूरत है, जो सुविधाजनक होने के साथ-साथ समय के साथ कदम मिलाने के लिए पर्याप्त तेज भी हो। उन्होंने कहा कि वडोदरा गति शक्ति विश्वविद्यालय का घर है और आज डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की अंतिम कड़ियां भी यहीं से जुड़ गई हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक, 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने इसे 21वीं सदी के भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की परिकल्पना पहली बार 2004 में की गई थी और परियोजना को पूरा करने के लिए 2006 में एक विशेष कंपनी का गठन किया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाती रहीं और इस पर तंज कसते हुए कहा कि इन फाइलों को भी डेडिकेटेड कॉरिडोर का लाभ नहीं मिला।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बताया व्यापार की रीढ़
पीएम मोदी ने कहा कि 2,800 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। उनके मुताबिक, ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब देश के व्यापार और वाणिज्य की रीढ़ बन रहे हैं। उन्होंने इसे तेजी से विकास कर रहे भारत के लिए जीवनरेखा बताया और कहा कि इससे देश के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले मालगाड़ियां यात्री ट्रेनों के साथ उन्हीं पटरियों पर चलती थीं, जिससे यात्रियों और माल दोनों की आवाजाही की रफ्तार प्रभावित होती थी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने इस स्थिति को बदल दिया है।
उन्होंने बताया कि आज ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर पर हर दिन 430 से अधिक मालगाड़ियां चल रही हैं। पहले मालगाड़ी को 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में 6.5 घंटे लगते थे, जबकि अब यही दूरी आधे से भी कम समय में तय की जा सकती है।
पीएम मोदी ने कहा कि ट्रक से जिस सफर में आमतौर पर 30 घंटे लगते हैं, वही दूरी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 10 से 12 घंटे में पूरी हो जाती है। इससे मालगाड़ियों के संचालन के कारण ट्रकों और ट्रेनों दोनों के ईंधन की बचत होती है, माल ढुलाई की लागत कम होती है, समय बचता है और पर्यावरण को भी फायदा होता है।
‘फूफा को शिकायत करने के लिए एक नई बात मिल गई’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 10 साल में रेलवे में 50 हजार नए आधुनिक कोच जोड़े हैं। इसके साथ ही मालगाड़ियों में 2.50 लाख से ज्यादा वैगन भी जोड़े गए हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जेएनपीटी (मुंबई) से वडोदरा के बीच डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी चलाई गई। यानी ट्रेन में एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखा गया था। पीएम मोदी के मुताबिक, इस एक यात्रा में मुंबई से वडोदरा तक जितना माल पहुंचाया गया, वह 250 से अधिक ट्रकों के बराबर था।
इसके बाद पीएम मोदी ने ‘नाराज फूफा’ का जिक्र करते हुए कहा कि वह व्यक्ति तुरंत शिकायत शुरू करेगा कि ट्रक ड्राइवरों का क्या होगा, ट्रक कहां जाएंगे और जिन्होंने ट्रक खरीदे हैं उनका क्या होगा। उन्होंने कहा कि अब ‘फूफा’ को शिकायत करने के लिए एक नई बात मिल गई है।
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