सत्य निकेतन हादसा: घायलों से मिलने एम्स पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, अब तक सात की मौत

HIGHLIGHTS
- हादसे के बाद राहत और बचाव का काम करीब 27 घंटे तक चला।
- मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया।
- मृतकों में पांच छात्र भी शामिल हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में लड़कों के छात्रावास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार को अचानक ढह गई। इमारत के गिरने से हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में घायल लोगों से मिलने एम्स पहुंचीं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'मैंने घायल बच्चों से मुलाकात की है। यहां एक मजदूर भर्ती है, जो अभी ठीक है। दो बच्चे पूरी तरह ठीक हैं, जबकि एक बच्चा आईसीयू में है। मैंने उनके परिजनों से भी मुलाकात की है। पूरी स्थिति को देखते हुए हमने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि बच्चों का इलाज पूरी तरह अच्छे तरीके से कराया जाएगा और सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। हम आर्थिक सहायता भी देंगे। सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल वाली बिल्डिंग को गिराया जाएगा और कल इसे गिराने की कार्रवाई की जाएगी।'
हादसे में सात लोगों की मौत, 12 को मलबे से निकाला गया
दिल्ली के हॉस्टल डेज पीजी हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। दो और घायलों की मौत के बाद यह संख्या सात पहुंची। करीब 27 घंटे तक मलबा हटाने के बाद सोमवार शाम बचाव अभियान पूरा किया गया। कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई। पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है।
वहीं, पीजी के मालिक हरिराम गुप्ता को पत्नी और बेटे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हादसे की जिम्मेदारी केवल पीजी मालिक पर डालकर दिल्ली सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। अदालत ने कहा कि डीयू और एमसीडी की भी जिम्मेदारी है। एक पीआईएल पर कोर्ट ने एमसीडी को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली सरकार ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
भिवाड़ी से गिरफ्तार हुए हरिराम और उनका परिवार
दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता (81), उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता (75) और बेटे महेश गुप्ता (52) को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है। अदालत ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
पीजी का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर दर्ज था, जबकि उसका प्रबंधन उनका बेटा महेश देख रहा था। वहीं, संपत्ति की रजिस्ट्री उर्मिला गुप्ता के नाम पर है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.