पीलीभीत में रामलीला कमेटी के विवाद में तीन की मौत, चंदे के हिसाब को लेकर थी रंजिश

HIGHLIGHTS
- अमरिया में रामलीला मेला कमेटी के विवाद के बाद सोमवार रात फायरिंग हुई।
- घटना में कुनाल श्रीवास्तव, अंकित गुप्ता और मोहित गुप्ता की मौत हुई।
- चंदे के हिसाब और नई कमेटी के गठन को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव था।
पीलीभीत। अमरिया कस्बे में सोमवार रात हुए तिहरे हत्याकांड के पीछे रामलीला मेला कमेटी में चंदे के हिसाब-किताब और अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नरेश गुप्ता के निधन के बाद उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता को मेला अध्यक्ष बनाया गया था। दूसरे पक्ष के कौशल गुप्ता इस फैसले से असहमत थे और कमेटी के चंदे की जानकारी के साथ आय-व्यय का ब्योरा मांग रहे थे।
बताया गया कि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही तनाव था। कई बैठकों में भी विवाद सामने आया था। आरोप है कि सोमवार रात हुई बैठक में कौशल पक्ष के लोग हथियार लेकर पहुंचे थे, जबकि दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी नहीं थी। बैठक में कहासुनी के बाद फायरिंग हुई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
अध्यक्ष पद और चंदे के हिसाब को लेकर बढ़ा विवाद
रामलीला मेला कमेटी की अध्यक्षता को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। पहले नरेश गुप्ता कमेटी के अध्यक्ष थे। उनके निधन के बाद उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता को मेला अध्यक्ष चुना गया। वहीं, कौशल गुप्ता ने भी कमेटी में पदाधिकारी बनने की दावेदारी की थी।
इसी विवाद के बीच कौशल पक्ष की ओर से चंद्रप्रकाश गुप्ता से रामलीला कमेटी के चंदे और आय-व्यय का हिसाब मांगा जा रहा था। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया।
जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले भी इस मामले को लेकर बैठक तय हुई थी। इसी दौरान कस्बे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। कौशल गुप्ता पक्ष के लोग वहां पहुंचे, जबकि चंद्रप्रकाश गुप्ता पक्ष ने गमी का हवाला देते हुए बैठक में शामिल होने से परहेज किया। इससे दोनों पक्षों के बीच रंजिश और गहरी हो गई। इसके बाद 18 सितंबर को बैठक हुई, लेकिन उस समय भी विवाद का कोई समाधान नहीं निकल सका।
बैठक के बाद फायरिंग, तीन लोगों की मौत
सोमवार रात करीब 9:30 बजे कस्बे के एक बरातघर में चंद्रप्रकाश पक्ष के अमित गुप्ता ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई। बैठक में बातचीत के दौरान चंदे के हिसाब और कमेटी को लेकर बहस बढ़ गई। इसके बाद बैठक समाप्त हो गई और चंद्रप्रकाश पक्ष के लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे।
आरोप है कि इसी दौरान सिटी गेट के पास कौशल गुप्ता पक्ष की ओर से रायफल से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में भगदड़ और अफरातफरी मच गई। घटना के बाद पूरे कस्बे में तनाव फैल गया।
एएसपी हिमांशु गौरव के अनुसार, इस घटना में कुनाल श्रीवास्तव (14), अंकित गुप्ता (29) और उनके भाई मोहित गुप्ता (31) की मौत हो गई। कुनाल के सिर और अंकित के कंधे में गोली लगी थी। मोहित गुप्ता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रोष गुप्ता (22) गंभीर रूप से घायल है।
पुलिस के मुताबिक, 14 वर्षीय कुनाल घटना के समय वहां टहल रहा था, तभी उसके सिर में गोली लग गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद कुनाल और अंकित को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल अन्य लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया। वहां मोहित की मौत हो गई।
कौशल पक्ष के घर की छत से भी फायरिंग का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग के दौरान कौशल गुप्ता के घर की छत से भी गोलियां चलाई गईं। बताया जा रहा है कि उनका घर घटनास्थल के पास ही है। दोनों पक्षों के बीच सड़क किनारे विवाद के बाद मारपीट हुई और इसी दौरान गोलीबारी की गई।
फायरिंग की घटना के बाद मृतकों के परिजनों में गुस्सा फैल गया। परिवारों में चीख-पुकार मच गई और परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने रात में ही आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। वहीं, आरोपी पक्ष की कार में भी तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रामलीला मेले से हर साल करीब पांच लाख रुपये की कमाई
बताया जा रहा है कि रामलीला मेले से हर साल करीब पांच लाख रुपये का मुनाफा होता था। इसी रकम के आय-व्यय का ब्योरा मांगने को लेकर कौशल गुप्ता और मौजूदा मेला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता के बीच विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, चंदे के हिसाब और नई कमेटी के गठन को लेकर दोनों पक्षों में तनाव था। कौशल गुप्ता इस बार मेला कमेटी में पदाधिकारी बनना चाहते थे। उन्होंने आय-व्यय के हिसाब पर सवाल उठाते हुए बैठक में हंगामा किया। अंकित और मोहित ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान कौशल गुप्ता और उनके साथियों ने फायरिंग कर दी।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों में हलचल मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने वहां से साक्ष्य एकत्र किए और खून के नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित किए।
एसपी सुकीर्ति माधव समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम आलोक कुमार और एसपी सुकीर्ति माधव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। थाने से करीब 500 मीटर दूर हुई इस वारदात के बाद पूरे कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एएसपी हिमांशु गौरव ने बताया कि मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस विवाद की वजह और फायरिंग की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
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