अमेरिका ने ईरान के भूमिगत मिसाइल ठिकानों पर B-2 बॉम्बर्स से किया हमला

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष अब 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान अमेरिकी सेना ने अपनी आक्रामक रणनीति को और तेज करते हुए B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स के जरिए ईरान के भूमिगत मिसाइल उत्पादन केंद्रों और भंडारण स्थलों को निशाना बनाया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पुष्टि की कि अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के “डीपली बरीड” ठिकानों पर 2,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बम गिराए।
लगभग 200 ठिकानों पर हमला
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, हाल के 72 घंटों में लगभग 200 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। यह कार्रवाई ईरान की मिसाइल क्षमता को गंभीर नुकसान पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तेहरान में धमाके और इजरायली हवाई श्रेष्ठता का दावा
ईरान की राजधानी तेहरान और मेहराबाद एयरपोर्ट के पास भीषण धमाकों की खबरें मिली हैं। इजरायली रक्षा बलों ने बताया कि उन्होंने तेहरान के आसमान में हवाई श्रेष्ठता हासिल की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान में अब नष्ट करने के लिए बहुत कम सैन्य ठिकाने बचे हैं और यह संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
जवाबी कदम के रूप में ईरान ने खाड़ी के देशों—बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई—में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके अलावा ईरानी नौसेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी और अन्य जहाजों को निशाना बनाया।
संयुक्त राष्ट्र का आह्वान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित कर ईरान से अपने हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान किया। प्रस्ताव में कहा गया कि खाड़ी देशों पर ईरानी हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और “अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा” पैदा कर रहे हैं।
इस प्रस्ताव को 13 वोटों से पारित किया गया, जिसमें दो अनुपस्थितियां रहीं। प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन के खिलाफ ईरान द्वारा किए जा रहे सभी हमलों को तत्काल रोकने की मांग की गई। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय नौवहन में किसी भी तरह के हस्तक्षेप या धमकी की निंदा भी की गई।
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