अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: FIFA World Cup से होर्मुज तक बढ़ी तकरार, तेहरान की कड़ी चेतावनी
By Hitesh — July 8, 2026

HIGHLIGHTS
- अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान ने फीफा वर्ल्ड कप और अमेरिकी नीतियों को लेकर वॉशिंगटन पर तीखा हमला बोला।
- ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिका की मदद करने वाले देशों को भी संभावित निशाना माना जा सकता है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े विवाद से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर की आशंका बढ़ी।
Author: — Dainik Dehat
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक टकराव के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी को लेकर ईरान ने अमेरिका पर निशाना साधा है, वहीं तेहरान ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है।
फीफा वर्ल्ड कप को लेकर ईरानी राष्ट्रपति ने साधा अमेरिका पर निशाना
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह वैश्विक आयोजनों का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि मेजबान देश होने के बावजूद अमेरिका नियमों को अपने हिसाब से इस्तेमाल कर रहा है और विरोधियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
पेजेश्कियन ने अमेरिकी नीतियों को उसकी 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' सोच से जोड़ते हुए कहा कि ईरान दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
ईरानी सेना की अमेरिका समर्थक देशों को चेतावनी
इसी बीच ईरान की सेना ने अमेरिका का सहयोग करने वाले देशों को लेकर भी कड़ा बयान जारी किया है। ईरानी सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि अगर कोई देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में मदद करता है या अपने ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है, तो उसे भी संभावित निशाने के तौर पर देखा जाएगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर कार्रवाई और नए प्रतिबंधों के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख
ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी कदमों के जवाब में की गई।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कहा कि अमेरिका को अब इस क्षेत्र में ईरान की नई व्यवस्था को स्वीकार करना होगा।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी मात्रा गुजरती है। ऐसे में इस क्षेत्र को लेकर किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। दोनों देशों के बीच जारी टकराव अब सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चों पर भी दिखाई दे रहा है।
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