‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- मतदाता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण के माध्यम से देशवासियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। प्रधानमंत्री ने नए मतदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए लोगों से उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई देने का भी आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर चल रहे पुराने पलों को साझा करने के ट्रेंड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में देश ने कई ऐसे बदलाव देखे हैं, जिनकी पहले कल्पना भी मुश्किल थी। पीएम मोदी के अनुसार आज भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है और यहां नवाचार की नई राहें बन रही हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे उन सभी युवाओं को सलाम करते हैं, जो स्टार्टअप से जुड़े हैं या नया उद्यम शुरू करने का सपना देख रहे हैं। भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ का असली मंत्र गुणवत्ता है और देश को यह संकल्प लेना चाहिए कि उत्पादों की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विदेशों में भारतीय संस्कृति की बढ़ती पहचान पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के पर्व और परंपराएं विश्व के कई देशों में पूरे उत्साह के साथ मनाई जा रही हैं। विदेशों में बसे भारतीय न केवल अपनी संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं, बल्कि अगली पीढ़ी तक उसे पहुंचा भी रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलेशिया में बड़ी संख्या में तमिल स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां भारतीय भाषाओं और संस्कृति को महत्व दिया जाता है।
प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने भक्ति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हर युग में लोग आस्था को समय के अनुसार अपनाते आए हैं और आज की युवा पीढ़ी भी इसे अपने जीवन अनुभवों से जोड़ रही है।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने गुजरात के बेचराजी क्षेत्र के चंदनकी गांव की एक अनोखी पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस गांव में सामुदायिक रसोई की ऐसी व्यवस्था है कि विशेष रूप से बुजुर्ग अपने घरों में खाना नहीं बनाते, बल्कि गांव के कम्युनिटी किचन से भोजन प्राप्त करते हैं, जो सामाजिक एकता का उदाहरण है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वह धरती है, जहां देश में सबसे पहले सूरज की किरणें पहुंचती हैं। यहां लोग ‘जय हिंद’ के अभिवादन के साथ एक-दूसरे का स्वागत करते हैं। ईटानगर में युवाओं के एक समूह द्वारा सफाई अभियान चलाकर उपेक्षित क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने की पहल को भी उन्होंने सराहा।
असम के नागांव का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां के लोग अपनी पुरानी गलियों से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। कुछ नागरिकों ने मिलकर गलियों की सफाई शुरू की, जिसके बाद धीरे-धीरे और लोग जुड़ते गए। सामूहिक प्रयास से बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया, जो स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी की ताकत को दर्शाता है।
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