छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद एक और घायल मजदूर की मौत हो गई है। झारखंड के रहने वाले मनीष कुमार, जो गंभीर रूप से झुलस गए थे, ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई है।
हादसे में घायल हुए कई मजदूर अभी भी अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। रायगढ़ जिले के अलग-अलग अस्पतालों में फिलहाल 9 घायलों का उपचार चल रहा है, जिनमें से तीन की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है, जबकि परिजन अस्पतालों के बाहर चिंता में डटे हुए हैं।
जिले के जिंदल अस्पताल में सबसे अधिक मरीज भर्ती हैं। यहां छह घायलों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है। अस्पताल परिसर के बाहर परिजनों की भीड़ लगी है, जो अपनों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद में प्रार्थना कर रहे हैं।
इस दुर्घटना ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे में करीब 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। इनमें से चार लोगों की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी। मृतकों में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के मजदूर शामिल हैं।
यह हादसा 14 अप्रैल की दोपहर प्लांट के बॉयलर-1 में ट्यूब फटने के कारण हुआ था। विस्फोट इतना जोरदार था कि बॉयलर के आसपास का ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रारंभिक जांच में प्लांट के संचालन में तकनीकी गड़बड़ी और संभावित लापरवाही के संकेत सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ समस्याओं की जानकारी होने के बावजूद प्लांट का संचालन जारी रखा गया, जिसके चलते यह गंभीर दुर्घटना हुई। जांच एजेंसियां पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।