नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में एक्साइज विभाग से ₹8,254.76 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया, जो पिछले वर्ष के ₹7,430.97 करोड़ के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।
इस दौरान रिटेल शराब की दुकानों की संख्या बढ़कर 714 हो गई, जबकि होटल, क्लब और रेस्टोरेंट जिनके पास एक्साइज लाइसेंस है, उनकी संख्या 1,079 से घटकर 1,017 रह गई।
शराब ब्रांड और बिक्री में बदलाव
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में रजिस्टर्ड शराब ब्रांडों की संख्या भी 1,470 से बढ़कर 1,579 हो गई। वहीं, कुल शराब बिक्री (बीयर सहित) वित्त वर्ष 2024-25 में 2.32 करोड़ केस रही, जो पिछले साल 2.19 करोड़ केस थी। इसके अलावा, रिटेल बिक्री में लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि भारतीय बीयर की बिक्री में गिरावट देखी गई।
बीयर बिक्री (केस में) का साल-दर-साल आंकड़ा इस प्रकार है:
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2021-22: 92,52,429
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2022-23: 1,22,82,082
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2023-24: 77,23,750
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2024-25: 70,26,220
विशेषज्ञों का कहना है कि 2021-22 में लागू एक्साइज पॉलिसी को अचानक वापस लेने के कारण रिटेल व्यापार में अस्थिरता आई थी। तत्कालीन सरकार ने जुलाई 2022 में अनियमितताओं के आरोपों के बीच यह पॉलिसी रद्द कर दी थी।
नई पॉलिसी की तैयारी
दिल्ली सरकार अब वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होने वाली नई एक्साइज पॉलिसी पर काम कर रही है। नए नियमों के आने से रिटेल और होटल व्यवसाय को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और राजस्व में स्थिरता आएगी।