दहेली सुजानपुर में शनिवार दोपहर अवैध निर्माण हटाने पहुंची केडीए की प्रवर्तन टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। कार्रवाई शुरू होते ही टीम पर पथराव होने लगा, जिससे जेसीबी के शीशे टूट गए और चालक घायल हो गया। हमलावर बैटरी भी निकाल ले गए। स्थिति बिगड़ने पर दरोगा और सिपाही को भी विरोध का सामना करना पड़ा। टीम के सदस्यों ने खेतों में भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। बाद में चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

जोन–4 (भूमि बैंक) की प्रभारी अधिकारी डॉ. अर्चना शर्मा के अनुसार, दहेली सुजानपुर स्थित अरबन सीलिंग की आराजी संख्या 1696 (3584.15 वर्गमीटर) और आराजी संख्या 1697 (2867.90 वर्गमीटर) विकास प्राधिकरण की भूमि है। बताया गया कि दो महीने से कुछ लोग इस जमीन पर कब्जा जमाकर बाउंड्री, गेट, शटर लगाने के साथ स्लैब तक डाल चुके थे। अवैध कब्जे को लेकर नोटिस भी जारी किया गया था।

शनिवार को अमीन अंकुर पाल, प्रदीप कुमार, राजस्व विभाग के लेखपाल आलोक समेत प्रवर्तन टीम के अन्य कर्मचारी मौके पर कार्रवाई करने पहुंचे। लेकिन जैसे ही ध्वस्तीकरण शुरू हुआ, वहां मौजूद जयकरन, नीलम गुप्ता सहित कई लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि मनोज गुप्ता की पत्नी ममता, राजू गुप्ता की पत्नी रीना, अंकित, राहुल, सनी और सूरज गुप्ता ने टीम पर ईंट–पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।

पथराव के दौरान जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई और उसका चालक घायल हो गया। सूचना पर सनिगवां चौकी के पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन उनसे भी दुर्व्यवहार किया गया और एक सिपाही का कॉलर पकड़कर धमकाया गया। बाद में चकेरी और सेन पश्चिमपारा थाने से अतिरिक्त फोर्स पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।

डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि सभी नामजद व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है।