बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। शनिवार को जारी प्रतिक्रिया में रज़वी ने कहा कि मदनी की टिप्पणी समाज में भ्रम पैदा करने वाली है और इससे समुदायों के बीच अनावश्यक तनाव फैल सकता है।
रज़वी ने स्पष्ट किया कि मुसलमानों का भरोसा देश की न्यायपालिका पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि केवल सुप्रीम कोर्ट ही नहीं, बल्कि सभी अदालतें देश के नागरिकों के लिए न्याय का काम करती हैं। संसद और सरकार के कामकाज पर भी समुदाय का विश्वास है, क्योंकि हर सरकार संविधान के दायरे में रहकर जनता के हित में काम करती है।
उन्होंने कहा कि देश के मुसलमान न्यायालयों के फैसलों का सम्मान करते आए हैं और आगे भी करेंगे। रज़वी के अनुसार, मदनी के बयान से शांति का माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने समुदाय से अपील की कि उकसाने वाले और विवाद बढ़ाने वाले बयानों से दूर रहें और किसी भी भ्रामक संदेश में न आएं।
भोपाल में दिया गया बयान बना विवाद का कारण
भोपाल में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक के दौरान मौलाना महमूद मदनी ने ‘जिहाद’ शब्द के दुरुपयोग और मुसलमानों के प्रति बढ़ती नकारात्मक धारणाओं पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि कई धार्मिक शब्दों को गलत अर्थों में पेश किया जा रहा है। साथ ही, बाबरी मस्जिद, तीन तलाक और अन्य मामलों में आए फैसलों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने दावा किया था कि पिछले कुछ वर्षों में अदालतों पर सरकारी दबाव महसूस होता है।