मुजफ्फरनगर में बेसहारा पशुओं की मदद के लिए कार्यरत अर्जुन फाउंडेशन ने शहर में सड़क किनारे रहने वाले जानवरों, विशेषकर आवारा कुत्तों के लिए सुरक्षित शैल्टर स्थापित करने की योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य घायल, बीमार और असहाय पशुओं को इलाज, भोजन और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराना है।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में संस्था अपने संसाधनों से एक निजी आवास में गली-मोहल्लों से लाए गए घायल कुत्तों का उपचार करा रही है। अब तक 100 से अधिक स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी कराई जा चुकी है, जिसका पूरा खर्च संस्था के सदस्यों ने स्वयं वहन किया है।

चार वर्षों से लगातार सेवा कार्य

रविवार को गांधी कॉलोनी में आयोजित प्रेस वार्ता में अर्जुन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. संदीप अरोड़ा ने बताया कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में बेसहारा कुत्ते, गाय, बंदर और अन्य जानवर सड़क दुर्घटनाओं, मौसम की मार और बीमारियों के कारण परेशान हैं। कई मामलों में भोजन और पानी की कमी उनकी स्थिति को और गंभीर बना देती है।

उन्होंने कहा कि संस्था पिछले चार वर्षों से पशुओं की सुरक्षा और मानव–पशु के बीच बेहतर समन्वय के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में अब जिले में एक स्थायी रोड साइड एनीमल शैल्टर और एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिसे सरकार की एनीमल बर्थ कंट्रोल गाइडलाइंस–2023 के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

प्रशासन और जनता से सहयोग की अपील

डॉ. अरोड़ा ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से न केवल पशुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। फाउंडेशन ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। संस्था का मानना है कि यदि प्रशासन भूमि और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए और समाज दान व स्वयंसेवा के माध्यम से आगे आए, तो यह शैल्टर जल्द ही धरातल पर उतर सकता है।

प्रेस वार्ता के दौरान सचिव मोहित त्यागी सहित सावन महेंद्र, सारिका गोयल, अनाया और आकांक्षा भी मौजूद रहे।