मुजफ्फरनगर में भाकियू अराजनैतिक के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी सहित करीब 400 कार्यकर्ताओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों को धमकाया गया और सड़क जाम कर सार्वजनिक व्यवस्था बाधित की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को भाकियू अराजनैतिक से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में कूड़ा जलाए जाने और संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक को ट्रांसपोर्टर द्वारा रंगदारी से जोड़ने के आरोपों के विरोध में एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान वहां धरना दिया गया और माइक व बैनर लगाकर प्रदर्शन किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस ने धरनास्थल से बैनर हटाने को कहा, तो कुछ वक्ताओं ने सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार को वर्दी फाड़ने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। प्रदर्शन के चलते कोर्ट रोड और झांसी रानी रोड पर यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार को पुलिस ने बिजनौर निवासी दिगंबर सिंह, बुलंदशहर के मांगेराम त्यागी, मोहित और चरथावल ब्लॉक उपाध्यक्ष ठाकुर कुशल वीर सिंह को नामजद करते हुए लगभग 400 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।